प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के परंपरागत त्यौहार बोहाग बिहू के मौके पर सौगातों की झड़ी लगा दी। गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में 14 अप्रैल को आयोजित ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने बिहू समारोह को और जानदार बना दिया। इस बार रिकार्ड 11304 बिहू नृत्यांगनाओं एवं ढुलियों (ढोल वादकों) ने ऐसा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसको देखकर प्रधानमंत्री गदगद हो गए। इस बार के बोहाग बिहू समारोह को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है जो असम के लिए बड़े ही गर्व की बात है। इसके लिए काफी पहले से ही तैयारी चल रही थी। पहली बार टीवी के राष्ट्रीय चैनल में इसका सीधा प्रसारण किया गया।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बोहाग बिहू केवल सांस्कृृतिक उत्सव ही नहीं है, बल्कि यह लोगों को जोडऩे का काम भी करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बोहाग बिहू मानव एवं प्रकृृति को जोडऩे का अद्भुत उदाहरण है। बिहू में असम की कला-संस्कृृति झलकती है। असम सांस्कृृतिक रूप से काफी समृद्ध है। प्रधानमंत्री ने बोहाग बिहू के मौके पर असम को अनेक खुशखबरी दी। उन्होंने गुवाहाटी के चांगसारी में नवनिॢमत एम्स तथा नगांव, नलबाड़ी एवं कोकराझाड़ में बने तीन नए मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किया। एम्स गुवाहाटी के बनने से असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा मिलेगी तथा उनको चिकित्सा के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
तीन नए मेडिकल कॉलेज बनने से मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। प्रधानमंत्री ने असम सरकार एवं आईआईटी गुवाहाटी के संयुक्त तत्वावधान में बनने वाले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के निर्माण की आधारशिला रखी। 350 बेड वाले इस हॉस्पिटल के निर्माण पर 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मोदी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में फिजिकल, डिजिटल, सोशल एवं कल्चरल कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार इस दिशा में विशेष पहल कर रही है। खासकर रोड, रेल एवं एयर कनेक्टिविटी बढ़ाकर फिजिकल कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पहले पूर्वोत्तर क्षेत्र इस दिशा में काफी पीछे था। उन्होंने कहा कि रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के क्षेत्र में भी कई परियोजनाओं पर काम हुआ है, जिसमें मणिपुर एवं त्रिपुरा जैसे राज्य को रेल संपर्क से जोडऩे का काम है।
नए रेल लाइन बिछाने का काम पहले की सरकारों के मुकाबले तिगुना एवं दोहरीकरण का काम दस गुना गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 7280 करोड़ की लागत से बने पांच रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसके अलावा पलाशबाड़ी एवं सुवालकुची के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर बनने वाले 12.21 किलोमीटर लंबी पुल की भी आधारशिला रखी। चार लेन वाले इस सेतु के निर्माण से पलाशबाड़ी, विजयनगर, मिर्जा, छयगांव, सुवालकुची, हाजो एवं अन्य स्थानों में विकास की प्रक्रिया तेज होगी। एशिया की प्राचीनतम रंगभूमि रंगघर शिवसागर के सौंदर्यीकरण की भी प्रधानमंत्री ने आधारशिला रखी। यह रंगघर अहोम राजवंश के गौरवशाली इतिहास को बयां कर रहा है।
124 करोड़ की लागत से इसके सौंदर्यीकरण के बाद यह ऐतिहासिक रंगघर धाॢमक एवं सांस्कृृतिक पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। प्रधानमंत्री ने असम पेट्रो केमिकल्स नामरूप के 500 टीपीडी मिथेनॉल प्लांट का शुभारंभ किया। इससे जैव ईंधन के रूप में मिथेनॉल के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री की असम यात्रा से भाजपा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने बोहाग बिहू को विश्व रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की है, जिसका परिणाम सबके सामने है।