लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी गैंगस्टर अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन या उसके परिवार के किसी सदस्य को प्रयागराज से महापौर का टिकट नहीं देगी। मायावती ने पत्रकार वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रयागराज में पिछले दिनों उमेश पाल की हत्या के मामले में अतीक की पत्नी (शाइस्ता) का नाम आने, या उसके फरार होने से स्थिति बदल गयी है। ऐसी स्थिति में अब हमारी पार्टी न तो अतीक की पत्नी को और न ही उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य को महापौर का टिकट देगी।
बसपा प्रमुख ने कहा कि इसके अलावा जहां तक अतीक की पत्नी को पार्टी में रखने या न रखने का सवाल है तो उनके पुलिस की गिरफ्त में आते ही, पार्टी इस पर जल्दी फैसला कर लेगी, तब तक इस मामले को लेकर उनके बारे में जो तथ्य है वह भी उभरकर सामने आ जायेगा। हमारी पार्टी कानून से उपर नही हैं और कानून का पूरा पूरा सम्मान करती हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और पार्टी विधायक उमा शंकर सिंह ने इससे पहले 13 अप्रैल को बलिया में पत्रकारों से बातचीत में कहा था, 'शाइस्ता परवीन प्रयागराज की महापौर बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस सीट को खोने जा रही है। भाजपा के गुस्से के पीछे यही (कारण) है।'
मायावती का यह बयान इसलिए महत्तवपूर्ण है, क्योंकि रविवार को प्रयागराज पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड मामले में माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, बेटे अली, एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद साबिर, राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया है।
प्रयागराज पुलिस की ओर से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों की हत्या के संबंध में धूमनगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान अभियुक्त राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला को पुलिस रिमांड पर लिया गया था। अभियुक्त राकेश ने पूछताछ में बताया कि उसने शाइस्ता परवीन द्वारा दिए गए बैग को छुपाया था। इस अभियुक्त की निशादेही पर बरामद हुए सामानों में अली अहमद की फोटो लगे दो आधार कार्ड भी थे।