सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए हमारी नगर सरकार के साथ ही दो धर्मशालाओं ने बर्तन बैंक बनाए हैं। श्री पंचान ओसवाल बड़े साथ धर्मशाला ने 2017 में, नगर निगम ने 2020 से तो बरबड़ हनुमान मंदिर न्यास ने पिछले साल से बर्तन बैंक की शुरुआत की है। इसका फायदा मिला है और सिंगल यूज प्लास्टिक के डिस्पोजेबल का उपयोग कम हुआ है। 'प्लास्टिक डिस्पोजेबल को कहें बाय-बाय और स्टील के बर्तन उपयोग में लाएं' के स्लोगन के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का काम किया जा रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से गंदगी बढ़ती है और इसका कचरा जलाने पर प्रदूषण भी फैलता है।

जिस पर बर्तन बैंक से लगाम लगाई जा रही है। मोहन टॉकीज में श्री पंचान ओसवाल बड़े साथ की धर्मशाला में सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग करने पर 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि छह साल में इसकी जरूरत नहीं पड़ी है क्योंकि यहां आयोजन करने वाले इस व्यवस्था की तारीफ ही करते हैं। यहां की व्यवस्था श्री पंचान ओसवाल बड़े साथ के पंच शांतिलाल चौधरी, मुकेश मेहता, शांतिलाल तांतेड़, अभय सराफ, अमृत सुराणा संभालते हैं। प्लास्टिक डिस्पोजेबल हटाएंगे, स्टील के बर्तन उपयोग में लाएंगे के नारे के साथ नगर निगम ने तीन साल पहले रतलाम बर्तन बैंक की शुरुआत की।

व्यवस्थापक नवोदित बैरागी बताते हैं कि अभी तो यह छोटी शुरुआत है, इसे बड़ा रूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। हनुमानजी का बड़ा मंदिर देवस्थान न्यास (बरबड़ हनुमान मंदिर) परिसर में तीन आयोजन स्थल हैं और तीनों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर रखा है। न्यास के उपाध्यक्ष चंदूलाल अग्रवाल बताते हैं कि यहां एक साल पहले बर्तन बैंक बनाया गया ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लग सके। इसका फायदा मिला है और लोग इसमें रुचि दिखाने के साथ प्रशंसा भी करते हैं। व्यवस्था में लगातार बढ़ोतरी जारी है।