आम को फलों का राजा कहा जाता है और गर्मी के मौसम में इस रसीले और स्वादिष्ट फल को खाने का अपना ही एक अलग मजा है। पर अक्सर घरों में देखा गया है कि बरसों से नानी दादी आम खाने से पहले उन्हें पानी की बाल्टी में डाल दिया करती थीं। यही सलाह दी जाती है कि कम से कम 2 घंटे पहले आम को पानी में डुबोकर रखना चाहिए। उसके बाद ही आम खाया जा सकता है। इसके पीछे कई साइंटिफिक कारण है जो आपके लिए जानना जरूरी है।
सभी फलों और सब्जियों में कुछ प्रकार के थर्मोजेनिक गुण होते हैं जो शरीर के कामकाज को प्रभावित करते हैं आम को पानी में भिगोने से उनमें हीट प्रिंसिपल (तासीर) को कम करने में मदद मिलती है। फलों को पानी में भिगोकर खाने से कॉन्स्टिपेशन, स्किन प्रॉब्लम्स, सिरदर्द और दस्त जैसे साइड इफेक्ट्स काफी हद तक कम हो सकते हैं। आम को पानी में भिगोने का पुराना मंत्रा बहुत पुराना है। ऐसा करने से अतिरिक्त फाइटिक एसिड को बाहर निकालने में मदद मिलती है, जो शरीर में गर्मी पैदा कर सकता है अगर इसका सेवन किया जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तरबूज, आम और पपीता जैसे फल शरीर में गर्मी पैदा करने के लिए जाने जाते हैं और इसकी जरूरत से ज्यादा गर्मी डाइजेस्टिव सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। जिसके चलते दस्त और स्किन में इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। ऐसे में फलों को पानी में भिगोने से प्राकृृतिक गर्मी (तासीर) कम हो जाती है और ये शरीर के लिए सुरक्षित हो सकते हैं।
आप को पानी में भिगोने का साइंटिफिक रीजन
आम की स्किन पर ढकी गंदगी, पेस्टिसाइड्स, इंसेक्टिसाइड और अनवांटेड केमिकल्स को हटाने के लिए पानी में भिगोना जरूरी है। ये संभावित रूप से कैंसर कोशिका वृद्धि का कारण बन सकते हैं। आम आमतौर पर शरीर का तापमान बढ़ाते हैं,जिससे थर्मोजेनेसिस पैदा होता है। इसलिए इसे आधे घंटे के लिए पानी में भिगोने से उनके थर्मोजेनिक गुण कम हो जाते हैं। ये अपने थर्मोजेनिक गुणों के कारण मुंहासे, फुंसी, कब्ज, सिरदर्द और आंत से संबंधित समस्याओं जैसी प्रतिक्रियाओं को रोकता है। आम में फाइटोकेमिकल्स शक्तिशाली होते हैं, भिगोने से उनकी एकाग्रता कम हो जाती है।