हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण दिवस को मनाने की शुरुआत प्रकृृति के संरक्षण और वातावरण की शुद्धता की आवश्यकता के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हुई। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृृति पर गहरा नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही हमारे जीवन के लिए जरूरी चीजें भी प्रभावित हो रही हैं। 21वीं सदी पर्यावरण को हो रहे नुकसान के कारण विनाश की सदी बनती जा रही है। सुनामी, भूकंप, भूस्खलन, हिमपात, तुफान आदि धरती के लिए खतरा बन गए हैं और यह सब प्रकृृति को हो रहे नुकसान के कारण हैं। प्रकृृति और इंसानों का एकदूसरे से गहरा नाता है लेकिन वर्तमान में इंसान खुद ही पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन है।

रोजाना की जाने वाली छोटी छोटी गलतियां पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हैं। इन गलतियों पर नियंत्रण करके हम पर्यावरण संरक्षण कर सकते हैं और धरती पर मंडरा रहे खतरे को टाल सकते हैं। आइए जानते हैं हम जाने अनजाने पर्यावरण के दुश्मन कैसे बन बैठे हैं, ताकि गलतियों को सुधार कर प्रकृृति को बचा सकें।

परिवहन से प्रदूषण : रोजमर्रा की कुछ आदतों के जरिए पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। पिछले कुछ सालों में वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। इसकी एक वजह हमारी लाइफस्टाइल है। रोजाना हम घर से कार लेकर निकलते हैं। कार से निकलने वाला धुआं प्रदूषण की वजह बनता है। लंबा ट्रैफिक, उससे होने वाला शोर और धुआं वातावरण के लिए नुकसानदायक है। गाड़ियों के इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल का भी खूब दोहन हो रहा है। इससे बचने के लिए आप रोजाना गाड़ियों के इस्तेमाल से बचें। खुद की कार या बाइक से ट्रैवल करने के बजाए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बस या मेट्रो से सफर करें। ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम हों और पर्यावरण प्रदूषण कम किया जा सके।

एसी का इस्तेमाल : गर्मी के दिनों में लोग ठंडक पाने के लिए एसी का इस्तेमाल करते हैं। भले ही एसी आपको ठंडी हवा देती है लेकिन इससे पर्यावरण दूषित होता है। ऐसा नहीं कि आप एसी का उपयोग न करें और गर्मी में रहें लेकिन एसी का इस्तेमाल कम कर सकते हैं ताकि जितना हो सके प्रदूषण कम करने में आप अपना योगदान दे सकें।

प्लास्टिक का इस्तेमाल : अधिकतर घरों में प्लास्टिक के सामान, बोतल और प्लास्टिक के डिस्पोजेबल प्लेट आदि का इस्तेमाल होता है। ये डिस्पोजेबल आइटम पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। घर से लेकर ऑफिस तक में प्लास्टिक की प्लेट, गिलास और बोतल आदि का लोग इस्तेमाल करते हैं। टिश्यू पेपर और प्लास्टिक रैपर का भी उपयोग करते हैं। लेकिन प्लास्टिक बायोडिग्रेडेबल नहीं है। प्लास्टिक को जलाना या जमीन के अंदर दबाव भी घातक है। इसलिए प्लास्टिक और डिस्पोजल प्लेट का उपयोग बंद करके आप स्टील या चीनी मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करें।