भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को मूल मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के साथ-साथ वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एजेंडा भी तय कर दिया है। विशेष संयोग की बात है कि भाजपा का स्थापना दिवस और हनुमान जन्मोत्सव एक ही तिथि पर आयोजित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विशेष दिवस को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जोड़कर उत्साहवर्द्धन किया है। मोदी ने कहा कि पवन पुत्र हनुमान भक्ति और उदारता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राक्षसों से लड़ने के मामले में कठोर हो जाते हैं। हनुमान जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे आम जनता के साथ बेहतर संबंध बनाकर उनकी मदद करें।

सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में मदद करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हनुमान जी की तरह भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएं। मोदी ने अपने संबोधन में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को अभी से ही कमर कस लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां भाजपा की लोकप्रियता को देखकर घबरा रही हैं तथा वह भ्रष्टाचार मुक्त भारत के अभियान को बाधित करना चाहती हैं। मालूम हो कि 6 अप्रैल 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी, जिसके संस्थापक अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बनाए गए थे। दो सांसदों की संख्या से शुरू हुई भाजपा की यात्रा आज 303 सांसदों तक पहुंच गई है।

वर्ष 2014 तक भाजपा के कुल सदस्यों की संख्या 6 करोड़ थी जो अब बढ़कर 18 करोड़ तक पहुच गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं की संख्या देश की कुल आबादी का 13 प्रतिशत है, जो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। दूसरे स्थान पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी है जिसके सदस्यों की संख्या 9 करोड़ है। अमरीका की डेमोक्रेटिक पार्टी तीसरे नंबर एवं रिपब्लिकन पार्टी चौथे स्थान पर है। पाचवीं पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है, जिसके सदस्यों की संख्या 1.80 करोड़ है। 2014 के बाद भाजपा का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्तमान में 11 राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं, जबकि पांच राज्यों में भाजपा गठबंधन की सरकार है। वर्ष 2023 में अभी 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव होना बाकी है। मध्यप्रदेश और कर्नाटक में भाजपा की सरकार है, जबकि छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगना में विपक्षी दलों की सरकार है। मिजोरम में भाजपा समर्थित सरकार है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने अपनी सरकार बचाने तथा विपक्षी शासित राज्यों पर कब्जा करने की बड़ी चुनौती है।

लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही देश की विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होने लगी हैं। सीबीआई और ईडी के मुद्दे पर गोलबंद हो रही विपक्षी पार्टियों को तोड़ना भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है। नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भाजपा ने देश के बहुसंख्यक समुदाय पर फोकस किया है। भाजपा ने अपने इस कदम को राष्ट्रीय स्वाभिमान से जोड़ दिया है। इसका लाभ पार्टी को मिल रहा है। भाजपा के स्थापना दिवस पर कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी ने भाजपा का हाथ थाम कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। यह पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि अनिल एंटनी भाजपा में शामिल होंगे। वर्ष 2014 के बाद भाजपा ने विपक्ष के कई बड़े दिग्गज नेताओं को पार्टी में शामिल कर अपनी स्थिति मजबूत की है। पूर्वोत्तर क्षेत्र जो पहले कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था वहां भाजपा ने अपनी पैठ मजबूत की है। इसका नतीजा यह हुआ है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र से कांग्रेस का सफाया हो गया है। अब पूर्वोत्तर क्षेत्र में या तो भाजपा की सरकार है या भाजपा समर्थित सरकार। अब भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देश में लोकसभा चुनाव के लिए अपनी मुहिम पर चल पड़ी है।