नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल और बिहार में सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने रविवार को इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया और कहा कि हिंसा के लिए 2024 के आम चुनाव को कारण नहीं बनने दें। सिब्बल ने देश के लोगों से बंगाल और बिहार को जलाने, तथा नफरत के बीज बोने पर रोक लगाने की अपील करते हुए कहा कि इससे केवल नेताओं और राजनीतिक विचारधाराओं को लाभ हो सकता है।
उन्होंने एक बयान में कहा कि इस नफरत का शिकार हमेशा आम आदमी होता है। सिब्बल ने सवाल किया कि मैं चाहता हूं कि प्रधानमंत्री (मोदी), गृह मंत्री (अमित शाह) बोलें और हिंसा की निंदा करें। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस हिंसा के बीच दोनों में से कोई कुछ नहीं बोला, वे चुप क्यों हैं? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेरी उन सभी से विनम्र अपील है और यह किसी एक पार्टी विशेष की बात नहीं हो सकती है, जो इस उन्माद के लिए जिम्मेदार है। जो माहौल बन रहा है, उससे हटकर देश को आगे बढ़ने की जरूरत है। 2024 को इसका कारण नहीं बनने दें। सिब्बल ने कहा कि कानून का राज रहना चाहिए।
सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं पर रविवार को चिंता व्यक्त की और स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से बात की। सिब्बल ने कहा कि सिर्फ चिंता जताना काफी नहीं है। सिब्बल का बयान रामनवमी उत्सव के दौरान बिहार के सासाराम और बिहारशरीफ शहरों में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के बाद आया है। सासाराम और बिहारशरीफ में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने शनिवार तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया था।