चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के कुछ दिन बाद मंगलवार को कहा कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी जो विदेशी ताकतों के इशारे पर राज्य की शांति भंग करने की बात कर रहे थे और घृणा भाषण दे रहे थे। मान ने कहा कि पंजाब की शांति, सौहार्द्र तथा देश की प्रगति उनकी शीर्ष प्राथमिकताएं हैं और किसी को भी राज्य के सौहार्द्रपूर्ण माहौल को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा।  पुलिस ने शनिवार को सिंह तथा उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की थी।

हालांकि, सिंह जालंधर में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अमृतपाल सिंह और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों का प्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए मान ने कहा कि पिछले दिनों से कुछ तत्व विदेशी ताकतों के इशारे पर पंजाब में शांति भंग करने की बात कर रहे हैं।  मान ने पुलिस कार्रवाई पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे घृणा भाषण दे रहे हैं और कानून के खिलाफ बोल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई गयी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी क्योंकि आप ‘कट्टर देशभक्त और ईमानदार’ पार्टी है। उन्होंने कहा कि मैं (वारिस पंजाब दे और सिंह के खिलाफ) अभियान में सहयोग के लिए तीन करोड़ पंजाबियों का आभार व्यक्त करता हूं।

राज्य से किसी भी अप्रिय घटना की एक भी खबर नहीं है। इसने मेरा विश्वास बढ़ाया है कि लोग शांति एवं प्रगति चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी किसी ने राज्य की शांति, सौहार्द्र और परस्पर भाईचारे में खलल डालने की कोशिश की है तो पंजाबियों ने हमेशा उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है।  उन्होंने कहा कि हम देश के खिलाफ काम कर रही किसी भी ताकत को नहीं बख्शेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुनावों में भारी जनादेश देकर उसे एक जिम्मेदारी दी है।  मान ने ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों के बच्चों को अवैध काम करने के लिए कहना और उनका समर्थन मांगना बहुत आसान है।