गुवाहाटी : विश्व गौरैया दिवस के  अवसर पर सोमवार को असम विधानसभा में विश्राम गृह नामक एक गैर-सरकारी संस्था की पहल में एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने गौरैया के लिए विशेष रूप से बनाए गए बांस के पक्षीगृह का लोकार्पण किया। उन्होंने शहरों और कस्बों में रहने वाले स्थानीय पक्षियों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने राज्य की जनता से गौरैया की सुरक्षा के लिए आगे आने का आग्रह किया। विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि 126 विधायकों को पक्षियों के संरक्षण के लिए विश्राम घर की ओर से बनाए गए पक्षीघरों को आवासों में रखना अनिवार्य किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, आईआईटी व्याख्याताओं, गुवाहाटी विश्वविद्यालय तथा कॉटन विश्वविद्यालय के व्याख्याताओं और प्रमुख पक्षी विज्ञानी शांता शर्मा और फिरोज हुसैन ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्राम घर के अध्यक्ष प्रणव कुमार तालुकदार ने की। इस कार्यक्रम में गुवाहाटी विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मालविका काकती सैकिया और फिरोज हुसैन द्वारा तैयार असम के पक्षियों पर दो वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए गए।

बीसीपीएल के प्रबंध निदेशक रिप हजारिका, महाप्रबंधक रुली दास सेन, ऑयल इंडिया के महाप्रबंधक कृष्णा हजारिका राव और आईआईटी गुवाहाटी के प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार दास विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। पक्षी विज्ञानी और असम सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पूर्व वार्डेन शांता शर्मा ने असम में पाए जाने वाले दुनिया के दुर्लभ पक्षियों पर एक उपयोगी भाषण दिया और छात्रों में रुचि लाने के लिए शिक्षकों से जैविक पक्षी गृह स्थापित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के समापन पर विश्राम गृह के सलाहकार सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सुरेंद्र प्रसाद ने सबको धन्यवाद दिया।