नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने विपक्षी मोर्चे को लेकर तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रुख के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए कोई भी विपक्षी मोर्चा कांग्रेस के बिना संभव नहीं है। अगर 2024 के आम चुनाव के लिए गठबंधन बनता है, तो इसमें कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय भूमिका होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी इस सब के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि कांग्रेस की पहली प्राथमिकता कर्नाटक में आगामी चुनाव और इस साल अन्य राज्यों के चुनाव हैं।
जयराम रमेश की टिप्पणी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों के बयानों के बाद आई, जिसमें संकेत दिए गए थे कि 2024 लोकसभा चुनाव में दोनों दल कांग्रेस और भाजपा से दूर रहेंगे और अन्य क्षेत्रीय दलों को साथ लाने का काम करेंगे। इससे पहले 17 मार्च को टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपध्याय ने कहा था कि सीएम ममता भाजपा के मुकाबले के लिए तैयार हैं। वे ताकतवर क्षेत्रीय पार्टियों के पास जाएंगी और भाजपा से मुकाबले के लिए बात करेंगी। हमारी पार्टी अपने रास्ते पर चलेंगी।
हम भाजपा और कांग्रेस से दूरी बनाकर चलेंगे। वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा था कि देश में सभी लोग परिवर्तन चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने देश का जितना नुकसान किया, उतना कभी किसी दल ने नुकसान नहीं किया होगा। क्षेत्रीय पार्टियां 2024 की लड़ाई में अहम भूमिका निभाएंगीं। आपको चुनाव से पहले एक मोर्चा दिखाई देगा। मुझे पूरी उम्मीद है। आप इसे फ्रंट, गठबंधन या अलायंस कुछ भी बोल सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या टीएमसी और सपा के बयान विपक्षी एकता के लिए झटका है? जयराम रमेश ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग मिलते रहते हैं। तीसरा मोर्चा या चौथा मोर्चा बनता रहेगा, लेकिन विपक्ष में कांग्रेस का होना जरूरी है।