धरती से लेकर समंदर की गहराइयों तक, घने जंगलों से लेकर बर्फ से ढकी पहाड़ियों तक, हम इंसानों ने हर तरफ प्लास्टिक पहुंचा दिया है। इंसानों को पता है कि प्लास्टिक रिसाइकल होने में सदियां लग जाती हैं, इसके बावजूद प्लास्टिक के इस्तेमाल में कमी नहीं आई है।माइक्रोप्लास्टिक श्वास नली से होते हुए हमारे शरीर में भी पहुंच चुका है। दुनियाभर में कई स्टार्टअप्स और पर्यावरण प्रेमी प्लास्टिक का तोड़ निकालने की कोशिश में लगे हुए हैं। पुणे का एक स्टार्टअप भी उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। चिप्स तो हम सभी खाते हैं और उसका पैकेट कहीं भी फेंक देते हैं।
ये भी कूड़े के ढेर को थोड़ा और बड़ा बनाने का काम करता है। पुणे के अशाया नामक स्टार्टअप ने प्लास्टिक कचड़े का फैशनेबल तोड़ निकाला है। अनिश मालपानी नामक शख़्स ने बताया कि उनकी कंपनी ने खास सनग्लासेज बनाए हैं। ये सनग्लासेज चिप्स के पैकेट्स को रिसाइकल करके तैयार किए गए हैं।
चिप्स के पैकेट के खाली पैकेट को हम कचरे में फेंक देते हैं और इन्हें रिसाइकल करना बहुत मुश्किल है। अनिश मालपानी ने वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनकी कंपनी ने पुणे में दो साल तक एक लैब में काम किया। दो साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने चिप्स के पैकेट्स को रिसाइकल कर फैशनेबल सनग्लासेज बना डाले॥
यही नहीं ये दुनिया के पहले रिसाइकल्ड सनग्लासेज हैः सनग्लासेज पर एक क्यूआर कोड भी लगा है, जिसके जरिए ग्राहक ये पता कर सकते हैं कि कूड़ा कहां से आया। ये सनग्लासेज आसानी से नहीं टूटेंगे और न ही खराब होंगे, ऐसा कंपनी का दावा है। कंपनी ने ये भी बताया कि वो कमाए हुए पैसों से कचरा चुनने वालों की जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कचरा उठाने वाले हमारा घर, घर के आस-पास का इलाका साफ रखते हैं लेकिन खुद गरीबी में जीते हैं। इस कंपनी ने कूड़ा उठाने वालों के बच्चों को शिक्षित करने का भी बीड़ा उठाया है।