फल और सब्जियां हेल्थ के लिए अच्छे हैं, लेकिन इनको मिक्स करके बनाया गया जूस आपकी किडनी पर भारी पड़ सकता है। ऐसा कहना है लिवर के एक डॉक्टर का, जो ऑक्सेजेलेट किडनी इंजरी के 2 मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैसे लोग यूट्यूब और इंस्टाग्राम देखकर घर पर ऐसे जूस बना रहे हैं जो उनके गुर्दों के लिए समस्या बन रहा है। डॉक्टर ने डिटॉक्स जूस से जुड़े लोगों के कई भ्रम तोड़े हैं। यहां आप भी जान सकते हैं कि फल या सब्जी का जूस आपके लिए कितना जरूरी है।
हेल्थ कॉन्शस होना अच्छी बात है लेकिन इस चक्कर में कहीं आप अपनी सेहत से खिलवाड़ तो नहीं कर रहे? एक लिवर डिसीज स्पेशलिस्ट ने अपने ट्विटर पर ऐसी जानकारी दी है जो आपकी नींद उड़ा सकती है। केरल के लिवर डिसीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर ऐबी फिलिप्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, कृपया फलों के साथ हरी और रंग-बिरंगी सब्जियां मिक्स करके अपने लिए डिटॉक्स ड्रिंक न बनाएं। खासकर के वे लोग जिन्हें पहले से ही लिवर की बीमारी है।
उन्होंने बताया कि उनके पास इस हफ्ते दो ऐसे मरीज आ चुके हैं जो रोजाना फल-सब्जी का जूस पी रहे थे और उन्हें किडनी की दिक्कत हो गई। डॉक्टर फिलिप आगे लिखते हैं, आंवला, चुकंदर, पालक, हरी सब्जियां सिट्रस फ्रूट (नींबू, संतरा, मौसमी) से बना ड्रिंक वॉट्सऐप और यूट्यूब डॉक्टर्स प्रमोट कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह लिवर हेल्थ के लिए अच्छा है। प्लीज ऐसा मत कीजिए। इससे ऑक्जेलेट किडनी इंजरी हो सकती है और किडनी ठीक होने में लंबा वक्त लगता है।
डॉक्टर फिलिप ने यह जानकारी भी दी है कि लिवर तो खुद शरीर डिटॉक्स करता है, इसे डिटॉक्स करने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने बताया कि डिटॉक्स जूस जैसी कोई चीज नहीं होती। फल खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इन्हें कच्चा चबाकर खाएं। फल और सब्जियां अलग-अलग खाएं, इन्हें मिक्स न करें। डॉक्टर फिलिप ने बताया कि ड्रिंक के तौर पर पिया जाने वाला बनाना मिल्कशेक फिर भी बेटर है क्योंकि इसमें कई तरह की सब्जियां नहीं होतीं।