एक बार फिर लोग इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। एच3एन2 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हरियाणा और कर्नाटक में हुई दो मौतों के बाद डॉक्टर लोगों को एच3एन2 वायरस का टेस्ट कराने के लिए बोल रहे हैं। दरअसल, एच3एन2 वायरस में मौसमी बुखार की तरह ही सर्दी-जुकाम और बुखार होता है। ऐसे में बिना टेस्ट किए ये समझना मुश्किल हो जाता है कि ये एच3एन2 वायरस है या फिर केवल मौसमी बुखार। ऐसे में जरूरी है कि आप सही समय पर एच3एन2 वायरस का टेस्ट कराएं और जानें कि कब इसने घेर लिया है। जानें कब कराना चाहिए एच3एन2 वायरस का टेस्ट।
क्या है एच3एन2 वायरस के लक्षण : एच3एन2 वायरस की चपेट में आने पर सर्दी, जुकाम जैसे सामान्य वायरल के लक्षण ही दिखते हैं। लेकिन इसके साथ ही बुखार, नाक बंद होने के साथ उल्टी और बदन दर्द होता है तो एच3एन2 वायरस होने के चांस रहते हैं। इस वायरस के होने पर कई बार ऑक्सीजन का लेवल कम और मांसपेशियों में तेज दर्द होने लगता है। इस तरह के गंभीर लक्षण होने पर जरूरी है कि समय से एच3एन2 का टेस्ट करवाकर इलाज लिया जाए।डाक्टरों का कहना है कि अगर लोग जांच नहीं करवाएंगे तो सही आंकड़े मिलने और वायरस से निपटने में मुश्किल होगी। ऐसे में जरूरी है कि सही समय पर जांच करवा लिया जाए। जिससे कि सही इलाज मिल सके। एच3एन2 वायरस किसी सामान्य फ्लू की तरह ही सर्दी-खांसी और बुखार से एक दूसरे में पहुंचता है।
एच3एन2 वायरस पॉजिटिव आने पर क्या करें : एच3एन2 वायरस की रिपोर्ट अगर पॉजिटिव आ गई तो इसमे पूरी तरह से कोविड 19 के प्रोटोकॉल को भी फॉलो करना होता है। पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर आइसोलेशन और डॉक्टर की लिखी दवाओं से एच3एन2 वायरस से निपटा जा सकता है। सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर अगर एच3एन2 की जांच पॉजिटिव आ रही है तो आईसीएमआर ने गाइडलाइन जारी की है। जिसमें क्या करें और क्या ना करें की पूरी जानकारी दी गई है। अगर वायरल फ्लू सर्दी-खांसी, बुखार से दो-तीन दिन बाद भी आराम नहीं मिलता तो एच3एन2 वायरस का टेस्ट जरूर कराएं।