गुवाहाटी : राज्य की राजधानी शहर तथा पूर्वोत्तर का मुख्य द्वार गुवाहाटी में इन दिनों उच्च वायु प्रदूषण के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में उठाए गए और सरकार से जल्द इस क्षेत्र में पहल करने की मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने विधायकों को स्थिति में सुधार के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि पश्चिम गुवाहाटी के विधायक रमेंद्र नारायण कलिता आज  विधानसभा बजट सत्र के दौरान 301 नियम के  तहत सदन में गुवाहाटी में प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने गुवाहाटी में उच्च वायु प्रदूषण स्तर की आमार असम समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि असम के पांच शहर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के आधार पर देश के सबसे प्रदूषित स्थानों में शामिल हो गया हैं।

राज्य सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए साथ ही जल्द ही कोई पहल की जाए ताकि गुवाहाटीवासियों के सामने खड़ी परेशानियों से बचाया जा सके। पश्चिम गुवाहाटी के विधायक का जवाब देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री केशव महंत ने कहा कि सरकार को पता है कि देश में सबसे खराब वायु प्रदूषण वाले 131 शहरों में असम की राजधानी गुवाहाटी, नागांव, नलबाड़ी, शिवसागर और सिलचर शामिल हैं, जबकि निम्न वायु गुणवत्ता के विभिन्न कारण हैं, जिनमें वाहनों से उत्सर्जन और विभिन्न स्रोतों से हवा में धूल के कण प्राथमिक कारण हैं। मंत्री महंत ने कहा कि गुवाहाटी के मामले में ब्रह्मपुत्र से रेत, आसपास की पहाड़ियों से धूल उड़ने, निर्माण कार्य और सर्दियों के दौरान लगभग बारिश नहीं होने से स्थिति बेहद खराब हो गई थी।

मंत्री ने फरवरी महीने के लिए शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक पर डेटा भी साझा किया, जिसके दौरान आठ दिनों को बहुत खराब बताया। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे उपचारात्मक उपायों में आसपास की पहाड़ियों में वनीकरण अभियान, सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का आधुनिकीकरण और पर्यावरण के अनुकूल लोगों की जीवन शैली में बदलाव पर काम किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार योजना को लागू करने की प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा प्रदूषण की जांच के लिए जनता के साथ ठोस प्रयासों के लिए विभिन्न मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि निकट भविष्य में मिशन लाइफ  शुरू किया जाएगा जिसके तहत पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली को बढ़ावा दिया।  इस मिशन के तहत पर्यावरण की रक्षा के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के लोगों से अह्वान करते हुए कहा कि हम सभी को प्रकृृति की रक्षा के लिए हर समय सोचना और काम करना होगा, अन्यथा प्रकृृति की कहर से हमे कोई नहीं बचा सकता।