किसी भी चीज को सही या गलत कहना हमारे मन पर निर्भर करता है। हमारी खुद की सोच ही किसी चीज को सकारात्मक या नकारात्मक बना सकती है। लेकिन कहते है कि भगवान के घर में ऐसा कुछ नहीं है। उनके यहां किसी के भी आने की मनाही नहीं होती। उनके लिए सब एक बराबर है। ईश्वर के दरबार में इंसान के कर्म को ही प्राथमिकता दिया जाता है। शायद कुछ ऐसा ही ये बौद्ध धर्म के भिक्षू भी समझते है और तभी तो उन्होंने एक ऐसे मंदिर का निर्माण किया है जो कि संपूर्ण रूप से बीयर की बोतलों से बनी हुई है। नकारात्मकता को सकारात्मकता में किस तरह से बदला जाता है वो कोई इन बौद्ध भिक्षुओं से सीखें। शराब या बीयर को पीने के बाद लोग इनकी बोतलों को फेंक देते है। लेकिन उन फेंके हुए बोतलों से ही इस पूरे मंदिर को बनाया गया है। यह मंदिर थाइलैंड में स्थित है। इस मंदिर का नाम ‘वाट प महा चेदि खेव’ हैं। इस मंदिर को करीब दस लाख बीयर की बोतलों से बनाया गया है। यह मंदिर थाइलैंड के सिस्केट में है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर के बाथरूम यहां तक कि श्मशान भी बीयर की खाली शीशियों से बनाया गया है। दूर से इस मंदिर को देखने पर पता नहीं चलेगा कि वाकई में यह मंदिर बोतलों से बनी हुई है, लेकिन पास जाकर यदि देखेंगे तो साफ दिखेगा की बीयर और शराब की हरी और भूरी बोतलों से इस मंदिर का निर्माण किया गया है। बोतलों से बना कांच का ये मंदिर वाकई में तारीफ का हकदार है और साथ ही यह अद्भुत कलाकृति की मिसाल भी है। थाइलैंड के इस मंदिर को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते है और कला के इस मिसाल को सलाम करते है। इस मंदिर को देखने के बाद एक बात तो निश्चित रूप से साफ है कि दुनिया की कोई भी चीज बुरी नहीं है। यदि बुरी कोई चीज है तो वो है खुद इंसान की सोच।
थाईलैंड में बीयर की बोतलों से बना है प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर