ये छोटी सी भूल कर देगी महादेव से दूर, रुद्राक्ष पहनकर इस जगह बिलकुल भी न जाएं। हिन्दू धर्म के अठारह पुराणों में से शिवपुराण का विशेष महत्त्व है। शिवपुराण के अनुसार रुद्राक्ष धराण करने की विधि और उसके नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है। ऐसी मान्यता है की रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। और भगवान शिव की सबसे प्रिय चीजों में से एक है। जो भी व्यक्ति रुद्राक्ष को विधिपूर्वक धारण करता है, उसके शरीर से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। साथ ही उसको समय के साथ बीमारियों से छुटकारा मिलता है।
रुद्राक्ष धारण करने के बाद इन चीजों का रखे खास ध्यान। रुद्राक्ष धारण करते समय ही नियमों का पालन नहीं किया जाता, बल्कि इसको धारण करने के बाद भी कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखा जाता है। अगर इन बातों का ध्यान न रखा जाए, तो आपको भोलेनाथ की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। आईए हम जानते हैं कि किन जगहों पर रुद्राक्ष धारण करके नहीं जाना चाहिए।
किसी की मृत्यु के स्थान पर : अगर किसी जातक ने रुद्राक्ष धारण किया हुआ है, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उसे ऐसे स्थान पर बिल्कुल नहीं जाना चाहिए, जहां पर किसी की मृत्यु हो गई हो। अगर आपका जाना बहुत जरूरी है, तो फिर आप उस रुद्राक्ष को उतार कर जाएं।
मांस मदिरा से बनाए दुरी : शिवपुराण के अनुसार अगर किसी व्यक्ति ने रुद्राक्ष धारण किया हुआ है, तो उसे मांस-मदिरा से दूरी बना लेनी चाहिए। इतना ही नहीं, इसके साथ ही आपको मदिरापन वाली जगहों पर भी नहीं जाना चाहिए।
बच्चे के जन्म के स्थान पर भी न जाए : धार्मिक शास्त्रों के अनुसार रुद्राक्ष को पहन कर उस स्थान पर बिलकुल भी न जाए जहां पर किसी बच्चे का जन्म हुआ है। बच्चे के जन्म के बाद उस जगह को एक माह तक सौवार माना जाता है। इसलिए ऐसी जगह पर रुद्राक्ष पहनकर जानें से बचें। अगर कोई ऐसा करता है तो रुद्राक्ष निस्तेज हो जाता है।