गुवाहाटीः दूसरी बार असम आकर प्रफुल्लित कविता कृृष्णमूर्ति ने कहा कि असम के लोग म्यूजिकल हैं। असम रत्न भूपने दा का तहे दिल से हमेशा सम्मान करती हूं, वे जीनीएस होने के साथ-साथ आईकॉन थे। शक्ति की देवी मां कामाख्य की पावन धरती तथा महाबाहु ब्रह्मपुत्र की कलकल बहती धारा तथा प्राकृृतिक वादियों से आच्छादित इस शहर में आकर मैं अपने आप को धन्य मानती हूं। आगे कहा कि चमेली मेम साहब फिल्म में गाना गाने के लिए पहली बार आधे घंटे के लिए 30 वर्ष पहले असम आई थी, जिसके बाद भारत रत्न भूपेन हजारिका तथा उषा मंगेश्कर के साथ गाना गाने का मौका मिला।

कल्पना लाजमी तथा मैं एक ही कॉलेज में पढ़ती थी। मालूम हो कि गायिका कविता हिंदी, भोजपुरी, राजस्थानी, नेपाली  के साथ कुल 45 भाषाओं में हजारों से अधिक गीत गा चुकी हैं। इसके साथ ही 2003 तथा 2005 में प्लेबैक सिंगर का अवार्ड प्राप्त कर चुकी हैं। उल्लेखनी है कि पद्मश्री कविता कृृष्णमूर्ति अपने बेटे अंबी सुब्रमण्यम के साथ  3 दिवसीय दौरे पर असम आई थीं।