मृत्यु के बाद क्या होता है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका स्पष्ट और सटीक उत्तर आपको धर्म ग्रंथों से प्राप्त हो सकता है। 18 पुराणों में सबसे प्रमुख गरु? पुराण के भीतर जीवन और मृत्यु के अलावा मृत्यु के पश्चात होने वाली स्थिति का भी वर्णन मौजूद है। लेकिन धर्म ग्रंथों में लिखी बातों को मिथक और मन बहलाने का जरिया मानने और वैज्ञानिक तथ्यों की पैरवी करने वाले लोग इन सभी बातों पर विश्वास नहीं करते, जब तक उन्हें कोई प्रमाण नहीं मिल जाता वह किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते। अंग्रेजी वेबसाइट रेडिट पर इसी से संबंधित एक थ्रेड चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत उन लोगों से सवाल किए जा रहे हैं जिन्होंने क्लिनिकली डेड यानि साइंस द्वारा मृत घोषित हो जाने के बाद पुनः जीवन प्राप्त किया है।
इस थ्रेड के अंतर्गत लोगों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, एक वो जिन्हें ‘डेड’ होने के बाद कुछ भी महसूस नहीं हुआ, दूसरे वे जो मरने के बाद किसी अन्य व्यक्ति से बात कर रहे थे और तीसरे वो जिन्होंने कुछ अलग अनुभव किया, जैसे रोशनी देखी या कुछ अन्य घटना घटित हुई। एक यूजर लिखता है कि मैं अपनी क्लास में पढ़ा रहा था कि अचानक मुझे दिल में दर्द हुआ और कुछ ही समय में एक अजीब सी शांति का अनुभव होने लगा। आसपास सिवाय अंधेरे के कुछ नहीं था, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे स्टूडेंट्स कहां गए। थोड़ी देर बाद एक रोशनी सी मेरे चेहरे पर पड़ने लगी, सब कुछ चमकने जैसा था। ऐसा लगा कि मैं उस रोशनी की तरफ गिर रहा हूं। अचानक मुझे एक आवाज आई और मैंने तुरंत अपनी आंख खोली।
डॉक्टर के अनुसार उस दौरान मेरे दिल ने काम करना बंद कर तीसरे यूजर ने जो लिखा वह काफी हैरान कर देने वाला है, काफी पुरानी बात है मैं एक मीटिंग के लिए बाहर गया हुआ था, मीटिंग के दौरान ही मैं गिर गया और करीब 5 मिनट के लिए मेरी पल्स और हार्ट बीट दोनों बंद हो गए थे। मुझे मेडिकली डेड घोषित किया गया था। लेकिन उस 5 मिनट में मेरे साथ जो हुआ वो हैरान कर देने वाला है। मुझे यह याद है कि मुझे एंबुलेंस में ले जा रहे थे और मैं खुद अपनी डेड बॉडी के पास बैठा था। मेरे आसपास कोहरा और अंधेरा था, मैंने वहां अपने बेस्ट फ्रेंड को देखा जो मेरे साथ ही आकर बैठ गया।