गुवाहाटीः भारत सरकार के तत्वावधान में देशभर में जारी वाई 20 सम्मेलन के तहत आज कॉटन यूनिवर्सिटी में वाई 20 सेमिनार के दौरान कॉटन यूनिवर्सिटी और थिंक इंडिया के सहयोग से इंटेलेक्चुअल फोरम फॉर नॉर्थ ईस्ट द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न हुआ। भारतीय ज्ञान प्रणाली : एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य से अतीत, वर्तमान और भविष्य नामक विषय पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रवक्ता डॉ. सुधांसु त्रिवेदी ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, 25 साल के बाद 2047 में अमृतकाल मनाएंगे। आज भारत की तरफ पूरी दुनिया देख रही है।

यह भारत की उपलब्धि है। उन्होंने आध्यात्मिक रामायण कथा पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए कहा कि चारों भाई पुरुषार्थ के प्रतीक थे, राम-धर्म के,  लक्ष्मण-काम के, भरत-मोक्ष के तथा शत्रुघ्न -अर्थ के प्रतीक थे। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि दूसरे देशों में पुरुष ही सिर्फ भगवान (गॉड) है, परंतु भारत में अर्धनारीश्वर महादेव के साथ सीता-राम,राधे कृृष्ण के साथ अन्य देवी-देवताओं की पूजा होती है। सागर मंथन में सबसे पहले विष निकला था उसके बाद अमृत निकला। उन्होंने कहा कि हमने विश्वभर को शून्य (0)  का उपहार दिया।

विश्ववासियों को प्रताड़ित करने के वजाय विश्वगुरू के साथ प्रेरणा का संदेश दिया,आज भारत ने गूगल, फेसबूक आदि अन्य विश्वविख्यात कंपनियों को चीफ दिया, परंतु पाकिस्तान ने लस्करे तैयबा, अलकायदा के साथ अन्य उग्रवादी संगठनों का चीफ दिया। युवाओं के बीच अपना भाषण रखते हुए कहा कि कुछ करने के लिए मन से संकल्प करना चाहिए तभी सफलता मिलाती है, वर्ना बुद्धिमान तो लंका का राज रावन भी था। हर विद्यार्थी को  पाठ्यक्रम के साथ आध्यात्मिक तथा सांस्कृृति शिक्षा भी ग्रहण करना चाहिए।  मौके पर कॉटन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रमेश चंद्र डेका भी विराजमान थे।

सत्र में दिगंत विश्व शर्मा ने युवा समाज, प्रज्ञा और ज्ञान विषय पर विचार व्यक्त किया।  गुवाहाटी महानगर के पुलिस आयुक्त दिगंत बोरा ने ‘ड्रग्स एवं शासन व्यवस्था’ विषय पर विचार रखा।  दोनों सत्रों का संचालन कॉटन युनिवर्सिटी के सांख्यिकी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संगीता बारठाकुर ने किया। कार्यक्रम का संचालन करने के साथ धन्यवाद भाषण शिखा बचनेत और मिथिंगा ब्रह्मा ने किया।