गुवाहाटी : तुर्की और सीरिया में आए भयंकर भूकंप में हुई जान-माल के भारी तबाही को देखते हुए यहां भी जागरुकता अभियान के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), प्रथम बैटेलियन, पाटगांव ने गुवाहाटी स्थित हिंदुस्तानी केंद्रीय विद्यालय में भूकंप में सुरक्षित रहने के विभिन्न उपायों से संबंधित माक ड्रिल किया। एनडीआरएफ के फर्स्ट बटालियन के निरीक्षक जसकरण सिंह और उप-निरीक्षक अनुराग सिंह की अगुवाई में एक टीम ने छात्रों को भूकंप के दरम्यान चारदीवारी के अंदर और बाहर बचाव के प्रभावी कवायदों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रचार्या शालिनी माथुर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भूकंप या कोई भी प्राकृतिक आपदा बताकर नहीं आती। अचानक आए आपदा से लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो जाता है। अगर हम भूकंप से बचने के उपाय पहले से सीख लें तो नुकसान को निःसंदेह कम किया जा सकता है।
निरीक्षक जसकरण ने छात्रों को बताया कि अगर विद्यालय में पढ़ते समय भूकंप आ जाए तो तत्काल छात्रों को अपना स्कूल बैग अपने सिर पर रख लेना चाहिए। उन्हें तब तक बाहर नहीं निकलना चाहिए जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि बाहर निकलना पूर्णतः सुरक्षित है। यदि आप घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाए और किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण ले या पलंग के नीचे रुककर अपने आप को बचाए। सिर पर तकिए को ढ़ककर रखे।
अगर आप घर के बाहर हों तो भूकंप के समय बिजली के खंभों. ऊँची इमारतों या किसी पेड़ के नीचे न रुके। इस समय जमीन पर लेटकर अपने दोनो हाथों से सिर को पकड़ ले। कार्यक्रम के अंत में छात्रों से माक ड्रिल कराकर भूकंप से बचने के गुर सिखाए गए।