गरुड़ पुराण विष्णु पुराण का ही भाग है। गरुड़ पुराण में विष्णु और पक्षियों के राजा गरुड़ के बीच संवाद है। इस पुराण का दूसरा खंड मृत्यु से जुड़े मुद्दों, विशेष रूप से अंतिम संस्कार संस्कार और पुनर्जन्म के तत्वमीमांसा से संबंधित है। जब घर पर किसी परिजन की मृत्यु होती है तो गरुड़ पुराण का पाठ कराया जाता है। मान्यता है कि इससे आत्मा को सद्गति मिलती है और वह सांसारिक जीवन का मोह त्याग मृत्यु लोक की ओर गमन करती है। गरुड़ पुराण में कई गूढ़ बातों का भी उल्लेख मिलता है। यदि आप इन बातों पर अमल करेंगे तो जीवन में आपको कभी किसी परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
यदि मनुष्य सुखी जीवन जीना चाहता है तो उसे प्रतिदिन कुछ विशेष कार्य करने चाहिए। इन कार्यों को करने वालों को वैभव प्राप्त होता है। इससे मनुष्य को जीवन के सभी सुख प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो कार्य। गरुड़ पुराण के अनुसार अपने भोजन के कुछ भाग को गरीब या जरुरतमंद व्यक्ति में जरूर बांटें। यदि आप सामर्थ्यवान हैं तो गरीब और जरूरतमंद को भोजन बांटकर आप पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं। इसके साथ ही आप पर मां लक्ष्मी की कृृपा बनी रहती है और परिवार में बरकत होती है। गरुड़ पुराण के अनुसार गौसेवा करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है।
जो व्यक्ति रोजाना गौसेवा करता है उसके पुण्यकर्म में वृद्धि होती है। गरुड़ पुराण कहता है कि व्यक्ति को पितरों और कुलदेव का पूजन करना चाहिए। जो व्यक्ति कुलदेवता और पितरों की पूजा करता है, उन्हें कभी कोई समस्या नहीं होती। ऐसे लोगों पर पितरों और कुलदेवता का आशीर्वाद सदा बना रहता है। शास्त्रों के अनुसार घर पर बनने वाली पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलानी चाहिए। इसके अलावा पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना, मछली को आटे की गोलियां बनाकर खिलाना, चींटियों को चीनी या आटा खिलाना आदि को भी बहुत पुण्य का काम माना जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति पशु-पक्षियों की सेवा करता हैं उन्हें जीवन में सफलता और सुख समृद्धि प्राप्त होती है।।