एयर इंडिया ने अपनी बढ़ती मांग तथा विमान सेवा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए फ्रांस की एयर बस तथा अमरीका की बोइंग कंपनी के साथ इतिहास का बड़ा समझौता किया है। यह समझौता 11.11 लाख करोड़ रुपए का है। इस समझौते में ब्रिटेन को भी जोड़ा गया है। एयर इंडिया ने एयर बस से 250 विमान तथा बोइंग कंपनी से 220 विमान खरीदने के समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। और 370 विमान खरीदने का विकल्प भी रखा गया है। एयर बस के साथ सौ अरब डॉलर तथा बोइंग के साथ 34 अरब डॉलर का समझौता हुआ है। एयर बस से 40 बाइड बॉडी ए-350 एयरक्राफ्ट, 210 नैरोबॉडी, सिंगल आइजल-ए-320 नियोम एयरक्राफ्ट खरीदा जाएगा। बोइंग कंपनी से 190बी-737 मैक्स विमान, 20बी-787 विमान तथा 10बी-777एक्स विमान खरीदे जाएंगे। इन विमानों की डिलीवरी इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगी।

इस बड़े ऐतिहासिक डील का गवाह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तथा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तथा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक बने। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस ऐतिहासिक डील को दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय और क्षेत्रीय संबंध काफी मजबूत हुए हैं। क्वाड सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत और अमरीका मिलकर काम कर रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भी कहा कि भारत और फ्रांस एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक डील ने यह साबित कर दिया है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती कितनी गहरी है। भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदा है।

पनडुब्बी निर्माण के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। एयर इंडिया ने इंजन के दीर्घकालीन रख-रखाव तथा कुछ अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए ब्रिटेन की कंपनी सीएफएम इंटरनेशनल, रोल्स रॉयल और जीई एयरो स्पेस के साथ समझौता किया है। इसका मतलब है कि भारत के इस समझौते में अमरीका एवं फ्रांस के साथ ब्रिटेन भी शामिल हो गया है। तीनों देशों के प्रमुखों ने इस डील के लिए भारत को धन्यवाद दिया है। मालूम हो कि टाटा कंपनी ने घाटे में चल रहे एयर इंडिया को खरीदा है। टाटा कंपनी एयर इंडिया की सेहत सुधारने तथा उसके नेटवर्क के सुधार के लिए कारगर कदम उठा रही है। भारत में विमान से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में एयर इंडिया अपने को भावी चुनौती से मुकाबला के लिए तैयारी कर रही है। मोदी सरकार के आने के बाद हवाई अड्डों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। छोटे-छोटे शहरों को भी विमान नेटवर्क से जोड़ा गया है। उम्मीद है कि टाटा कंपनी की वर्तमान पहल से विमान सेवा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।