लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश ने 15 करोड़ लोगों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए अपनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को डिजिटल बनाकर सुव्यवस्थित किया है, जिससे राज्य को सालाना 1,200 करोड़ रुपए बचाने में भी मदद मिली है। जी-20 डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप (डीईडब्ल्यूजी) के उद्घाटन भाषण में आदित्यनाथ ने कहा कि आज परिणाम यह है कि हम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से 15 करोड़ लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध करा रहे हैं और तकनीक का उपयोग करके हम सालाना 1,200 करोड़ रुपए की बचत भी कर रहे हैं। जी-20 की भारत की अध्यक्षता के तहत इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय प्रथम डिजिटल इकोनामी वर्किंग ग्रुप (डीईडब्लूजी) की बैठक के अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ डिजिटल इकॉनमी पर आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
जी20 से जुड़े प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आबादी की दृष्टि से उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है, 25 करोड़ लोग इस राज्य में निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि उप्र भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतिनिधित्व करता है और भारत की सबसे उर्वरा भूमि भी इसी राज्य में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कुल कृषि योग्य भूमि में से 11 प्रतिशत भूमि उत्तर प्रदेश के पास है और 20 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जी20 समूह से जुड़े हुए विभिन्न देशों से आए सभी सम्मानित अतिथियों, सहयोगी मित्र देशों व संगठनों के सभी सम्मानित प्रतिनिधियों का उत्तर प्रदेश शासन की ओर से स्वागत करते हुए उन्हें प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन 2023 का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को 33.50 लाख करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक नयी अर्थव्यवस्था के रूप में दुनिया के सामने तेजी से अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश में 2.07 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ, निराश्रित महिलाओं एवं वृद्धजन को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ देने का कार्य डीबीटी के माध्यम से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक करोड़ निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों, वृद्धजनों को पेंशन की सुविधा का लाभ प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हा कि इसी प्रकार से प्रदेश के अंदर एक करोड़ छात्रों को वजीफा की सुविधा डीबीटी के माध्यम से दी जाती है।