गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डा.हिमंत विश्वशर्मा के विशेष प्रयास के बाद गुरुवार को मंत्रिमंडल ने आगामी अप्रैल महीने में व्यापाक पैमाने पर बिहू कार्यक्रम करने की मंजूरी दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुक्रवार को जनता भवन में सांस्कृृतिक मामले के मंत्री बिमल बोरा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री केशव महंत, असम के मुख्य सचिव पवन कुमार बरठाकुर, अपर मुख्य सचिव बी सामल, उच्च शिक्षा सचिव नारायण कोंवर, कर आयुक्त राकेश अग्रवाल, पर्यटन सचिव पद्मपाणि बोरा, कामरूप (महानगर) जिला उपायुक्त पल्लव गोपाल झा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी सहित कई विभाग के अधिकारियों ने इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में भाग लिया।

बैठक में बिहू नृत्य को गिनीज बुक ऑफ  रिकॉर्ड में शामिल करने पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के इरादे से इस बिहू कार्यक्रम में 10,000 ढोल वादक और नर्तकी प्रस्तुति देंगे। बैठक के दौरान इसके जरिए असम की संस्कृृति को विश्व पटल पर प्रभावी तरीके से रखने पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडिएम में राज्य सरकार की पहल पर 14 अप्रैल को रंगाली बिहू मनाया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की संभावना और उनके आगमन से जुड़े कार्यक्रम की रूपरेखा पर मंथन किया गया।

बिहू कार्यक्रम के समग्र पहलुओं का प्रबंधन करने के लिए मंत्री जयंत मल्ल बरुवा, बिमल बोरा व डॉ. रनोज पेगू के नेतृत्व में कैबिनेट कमेटी का गठन किया गया है। उल्लेखनीय है कि आज बैठक में कार्यक्रम के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही यह भी तय हुआ कि इस दौरान बिहू नृत्य को ठीक से कैसे प्रस्तुत किया जाए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देखेंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अप्रैल में होने वाले बिहू नृत्य के लिए राज्य के विभिन्न स्थानों पर 10 हजार बिहू नृत्य में भाग लेने वालों को प्रशिक्षित किया जाए। सूत्रों के अनुसार 15 मिनट का बिहू नृत्य 7,000 नर्तक और 3,000 बिहू कलाकार भाग लेंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में ऑडियो,विजुअल के माध्यम से किए जाने वाले बिहू नृत्य का एक नमूना भी दिखाया गया।