जाने सुबह सुबह सूर्य को जल चढ़ाने का सही तरीका और फायदे। आज हम आप लोगों को बताने वाले हैं कि सूर्य देव को जल देने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं और सूर्य देव की पूजा कैसे करनी है। सूर्य देव की पूजा कैसे करनी है बहुत ही आसान है। सूर्य देव की पूजा सुबह 4 बजे उठकर अपना सारा काम खत्म करके स्नान करें। स्नान करने के बाद लाल वस्त्र धारण करें। लाल वस्त्र धारण करने के बाद एक तांबे के लोटे में जल भरे, जल में थोड़ा सा गंगाजल डालकर उसमें कुमकुम और अक्षत और लाल फूल चंदन लगाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। ऐसा करके आप सूर्य देव की पूजा कर सकते हैं और फल प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए आज हम आप लोगों को विस्तार से बताएंगे कि सूर्य देव की पूजा कैसे की जाती है लेकिन सूर्य को जल चढ़ाने का सही तरीका क्या यह बहुत ही कम लोग जानते हैं।

तांबे के पात्र से करें जल अर्पित : पुराणों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देवता को हमेशा तांबे के पात्र से ही जल अर्पित करना चाहिए। साथ ही सूर्य को जल हमेशा प्रातः काल जल्दी स्नान आदि करने के बाद चढ़ाना चाहिए। कई लोग सूर्य को दोपहर तक जल अर्पित करते हैं, यह सही नहीं है। धर्माचार्यों का कहना है कि सूर्य को जल प्रातः 11 बजे तक अर्पित करना सही रहता है, तभी इसका फायदा मिलता है।

पूर्व दिशा की ओर हो मुख : सूर्य को जल देते समय ऊं आदित्य नमः मंत्र या ऊं घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। ध्यान रहे सूर्य को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो। जल में रोली या फिर लाल चंदन का प्रयोग करें। इसके अलावा लाल फूल भी सूर्य देव को अर्पित करना शुभ माना जाता है।

इस मंत्र का करें जाप :सूर्य को जल चढ़ाने के साथ ऊँ नमो भगवते श्री सूर्याय क्षी तेजसे नमः ऊँ खेचराय नमः मंत्र का जाप करने से बल, बुद्धि, विद्या और दिव्यता प्राप्त होगी। इसके अलावा रोजाना सूर्य को जल चढ़ाने से सूर्य देव का प्रभाव शरीर में भी बढ़ता है। इससे आप में ऊर्जा की वृद्धि होती है।

होती है आत्मशुद्धि : धार्मिक मान्यता है कि प्रतिदिन सूर्य को जल देने से आत्म शुद्धि और बल की प्राप्ति होती है। साथ ही समाज में मान सम्मान बढ़ता है।