लुधियाना (पंजाब) के यूट्यूबर पारस सिंह को शुक्रवार को युपिया की सत्र अदालत से जमानत मिल गई।  वह विधायक निनॉन्ग एरिंग और अरुणाचल के खिलाफ नस्लीय कलंक के लिए 27 मई से न्यायिक हिरासत में थे। एसआईटी एसपी रोहित राजबीर सिंह ने पुष्टि की कि अदालत ने पारस को जमानत दे दी है।पारस के अधिवक्ता रोटोम विजय ने बताया कि अदालत ने पारस को नियमित शर्तों के साथ जमानत दी है जैसे कि उसे जांच के दौरान पुलिस का समर्थन करना है और प्राधिकरण द्वारा बुलाए जाने पर पुलिस स्टेशन में उपस्थित हो, और उसे जमानत अवधि के दौरान देश नहीं छोड़ना चाहिए।मालूम हो कि पंजाब पुलिस ने 26 मई को पारस को एरिंग के खिलाफ नस्लीय अपशब्द का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज करने के बाद गिरफ्तार किया था। यूट्यूबर पर पूर्वोत्तर राज्य के लोगों के प्रति दुर्भावना और घृणा भड़काने और अपने एक यूट्यूब वीडियो में अरुणाचल को "चीन का हिस्सा" कहने का भी आरोप लगाया गया था। पारस के खिलाफ अरूणाचल प्रदेश के अलग-अलग थानों में 10 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई थी। अरुणाचल से तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) लुधियाना गया था और आरोपी को अरुणाचल लाने के लिए वहां की एक अदालत से तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की थी। बाईस वर्षीय पारस को 27 मई को अरुणाचल लाया गया था।