डिजिटल डेस्क: जब भी नया Android Smartphone खरीदा जाता हैं तब फोन में पहले से ही कई Google Apps प्री-इंस्टॉल मिलते हैं,लेकिन अब हाल ही में गूगल ने घोषणा कर दी है कि भारत में अब एंड्रॉयड यूजर्स के पास डिफॉल्ट सर्च इंजन को चुनने का विकल्प दिया जाएगा।CCI के फैसले पर अदालत से राहत ना मिलने के बाद गूगल ने ये बड़ा फैसला लिया है।
गूगल पॉलिसी और कारोबार में करेगा बड़ा बदलाव
CCI के फैसले के बाद अब गूगल भारत में अपने कारोबार और प्लेटफॉर्म में बड़ा बदलाव करने जा रहा है,गूगल द्वारा किए अब इन बदलावों के बाद हैंडसेट निर्माता कंपनियां इस बात को लेकर पूरी तरह से स्वतंत्र होंगी कि वह अपने डिवाइस में गूगल ऐप्स को पहले से प्री-इंस्टॉल करके देना चाहती हैं या फिर नहीं।
गूगल अब तक इसी शर्त पर हैंडसेट निर्माता कंपनियों को अपना सॉफ्टवेयर देती थी कि डिवाइस में कंपनियों को Google Apps को प्री-इंस्टॉल देना ही होगा लेकिन अब जल्द सबकुछ बदलने वाला है,एंटी-कंपेटेटिव मामले में भी इस कंडीशन को देखा गया था लेकिन कंपनी ने इस मुद्दे पर बहस करते हुए कहा था कि हैंडसेट कंपनियों के साथ इस तरह के समझौते की वजह से ही एंड्रॉयड फ्री है। हाल ही में इस बात की जानकारी गूगल ने एक ब्लॉग में दी है।
सुप्रीम कोर्ट से गूगल को लगा था झटका
कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के उस फैसले पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था जिसमें गूगल पर एंड्रॉयड इकोसिस्टम का फायदा उठाने का आरोप लगा था, और इस आरोप के तहत गूगल पर 1 हजार 337 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका गया था।