देहरादून/ जोशीमठ : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जोशीमठ में भूधंसाव के कारणों को लेकर सभी तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट आते ही आगे की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए तथा विस्थापन के संबंध में वहां के लोगों से सुझाव लेकर जल्द सरकार को अवगत कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली से लौटने के बाद जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की यहां समीक्षा करते हुए कहा कि भूधंसाव ग्रस्त नगर के संबंध में अध्ययन कर रहे सभी केंद्रीय तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट मिलते ही वहां आगे की योजना पर तेजी से कार्य शुरू कर दिए जाएं। जोशीमठ में भूधंसाव सामने आने के बाद से केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय भू-भौतिक अनुसंधान संस्थान, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान तथा आईआईटी रूडकी जैसे संस्थान नगर का विभिन्न पहलुओं से अध्ययन कर रहे हैं।
सभी संस्थानों ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दो से तीन सप्ताह में देने की बात कही है। धामी ने कहा कि विस्थापन के लिए वहां के लोगों से मिलकर सुझाव लिये जाएं और चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना स्थानीय लोगों से सुझाव लेकर सरकार को जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें।