गोरखपुर : यूपी का दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) अब देश के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है। नैक मूल्यांकन में लखनऊ विश्वविद्यालय के बाद अब डीडीयू ने ए प्लस प्लस ग्रेड लाकर इतिहास रच दिया है। इससे यह न सिर्फ उत्तर प्रदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक हो गया है, बल्कि देश में जामिया और जेएनयू के बराबर खड़ा हो गया है। नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों को ही मिला है।

इनमें जामिया और जेएनयू के अलावा, आईआईएससी बेंगलुरु, इग्नू, एसआरएम ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी तमिलनाडु, वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान और लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ अब डीडीयू भी शामिल हो गया है। ए प्लस प्लस की यह ग्रेडिंग डीडीयू के छात्रों और शिक्षकों के साथ सभी के लिए सौगातों की बौछार कराएगी।  डीडीयू को 5 में से कुल 3.78 सीजीपीए मिला है। नैक मूल्यांकन में इतने अंक पाने वाला डीडीयू उत्तर प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इससे पहले लखनऊ विश्वविद्यालय को 3.55 सीजीपीए के साथ बी ++ मिला था। नैक पीयर टीम ने 12-14 जनवरी तक गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा नैक को सबमिट दावों का भौतिक सत्यापन किया था। मंगलवार को परिणाम आने के बाद जश्न का माहौल है। सभी शिक्षक-कर्मचारी एक दूसरे को बधाइयां देने लगे। इससे पहले वर्ष 2005 में गोरखपुर विश्वविद्यालय का नैक द्वारा मूल्यांकन किया गया था। तब डीडीयू को बी++ मिला था। करीब 17 साल बाद डीडीयू ने यह कमाल किया है।

डीडीयू को नैक मूल्यांकन में ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से नामित विवि के कार्य परिषद सदस्य एवं महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप राव ने बधाई दी है। डा.राव ने कहा कि ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ जी के प्रयासों से स्थापित इस विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस की उपलब्धि पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने स्वतंत्रता संग्राम की अगुवाई के साथ ही स्वाधीन भारत की शिक्षित युवा शक्ति का सपना देखा था। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने न सिर्फ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा अनेक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की बल्कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना की पहल भी की।