यूरिक एसिड हमारे शरीर में खून के जरिए किडनी तक पहंचता है। ज्यादातर समय, पेशाब के माध्यम से यूरिक एसिड शरीर के बाहर निकल जाता है। लेकिन कुछ स्थिति में जब ये नहीं निकल पाता है तो शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता हो जाने पर कई स्वास्थ्य समस्याओं का लोगों को सामना करना पड़ता है।  

हाई ब्लड प्रेशरः आज के समय में हाइपरटेंशन व्यस्कों में हृदयरोग का सबसे आम रूप है। उम्र बढ़ने के साथ ये बीमारी हार्ट फेलियर, किडनी रोग और स्ट्रोक का कारण भी बन सकती है। जिन लोगों के खून में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है उन्हें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक होता है। 

गठिया रोगः हाई यूरिक एसिड के मरीजों के शरीर में इस एसिड के छोट-छोटे क्रिस्टल्स के फॉर्म में हाथ-पैर के जोड़ों में जमा हो जाते हैं। इसके कारण लोगों में गठिया से पीड़ित होने का खतरा बढ़ता है। 

डायबिटीजः हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जब ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर अनियमित होता है तो उससे इंसुलिन भी प्रभावित होता है और उसका संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में यूरिक एसिड के मरीजों में डायबिटीज होना का खतरा भी अधिक रहता है। 

हार्ट डिजीजः एक्सपर्ट्स के अनुसार हाई यूरिक एसिड के मरीजों को हार्ट अटैक भी आ सकता है।

किडनी स्टोनः यूरिक एसिड की अधिकता होने पर किडनी भी सुचारू रूप से फिल्टर करने में सक्षम नहीं रह जाती। इसके क्रिस्टल्स यूरिन नली में जमा हो जाते हैं। इससे लोगों को किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। 

ऐसे करें पहचानः एक बार इसके लक्षणों का पता चलने के बाद यूरिक एसिड को काबू में रखना आसान हो जाता है। जिन लोगों को पैरों में हर वक्त दर्द रहता हो या फिर जोड़ों और एड़ियों में दर्द भी यूरिक एसिड की अधिकता की ओर संकेत करता है। इसके अलावा, शरीर में सूजन होना या फिर गांठ महसूस करने पर भी डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। उठने-बैठने में परेशानी और हर समय थकान रहना भी यूरिक एसिड के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर्स सीरम यूरिक एसिड टेस्ट ब्लड में यूरिक एसिड की मात्रा को नापने के लिए सलाह देते हैं।