वास्तु शास्त्र के अनुसार दिशा का भी बेहद खास महत्व है। अगर आपने सामान सही दिशा में रखा है, तो इसे शुभ असर घर के वातावरण में देखने को मिलता है, इसके अलावा अगर आपने कोई भी सामान सही दिशा में नहीं रखा है, तो इसका अशुभ असर भी देखने को मिलता है। इसलिए अगर आप दिशा का निर्धारण कर रहे हैं, तो सही दिशा देखकर ही कोई सामान रखें। इसके अलावा सोने का भी दिशा निर्धारित किया गया है। सही दिशा में सोने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं, वह अगर सही दिशा में नहीं सोते हैं, तो आपको अशुभ परिणाम भी देखने को मिल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार सोने की सही दिशा के बारे में बताएंगे, जिससे आपको धन लाभ भी होगा और शुभ फल की प्राप्ति भी होगी। वास्तु शास्त्र के सोने की सही दिशा पूर्व और दक्षिण दिशा होती है। कहते हैं, सोते समय आपका सिर पूर्व दिशा में होना चाहिए और पैर पश्चिम दिशा में होना चाहिए। इससे नींद भी अच्छी आती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मान्यता है कि पूर्व दिशा सूर्य देवता का उदय होने का दिशा माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति पूर्व दिशा में सिर और पश्चिम दिशा में पैर करके सोता है। उसे सबसे अच्छी नींद आती है। इससे शारीरिक कष्ट भी नहीं होते हैं। पूर्व दिशा में सिर करके सोने से याद्दाश्त के साथ-साथ एकाग्रता भी बनी रहती है और आपके नींद में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आती है।

दक्षिण दिशा में क्यों नहीं सोना चाहिए : वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में भूलकर भी नहीं सोना चाहिए। दक्षिण दिशा यम का होता है। इस दिशा में सोने से आप बीमार हो सकते हैं। इससे आपके ऊपर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। आपके काम में रुकावटें आ सकती है। इसलिए दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके सोना चाहिए। 

इस दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए : भूलकर भी पूर्व दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए। इससे सूर्य देवता नाराज हो जाते हैं और उनके नाराज होने से शनिदेव भी नाराज हो सकते हैं और शनि के प्रकोप तो आप सभी लोग जानते ही हैं। इंसान रोग से घिरा रहता है। इसको कभी जीवन में सफलता नहीं मिलती है। इससे पितृ भी नाराज रहते हैं।