शिलांग : भारत कजाकिस्तान का संयुक्त सैन्य अभ्यास काजिंद-22 मेघालय के उमरोई में चल रहा है। यह सैन्य अभ्यास भारत और चीन के बीच अरुणाचल सीमा पर तनाव के बीच ही पूर्वोत्तर में शुरू हुआ था, जो समापन की ओर है। इंडो-कजाकिस्तान संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास काजिंद-22 का छठा संस्करण जो 15 से 28 दिसंबर 2022 तक उमरोई (मेघालय) में आयोजित किया गया था, आज उसका अंतिम दिन था। संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास के अंतिम दिन दोनो सेनाओं ने माउंटेन क्लाइंबिंग, जंगल वारफेयर और नाइट ड्रिल का प्रदर्शन किया। दोनों देशों के बीच साल 2016 में वार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास की शुरुआत हुई थी। तब इसे प्रबल दोस्ती क नाम दिया गया था। साल 2018 में इसका नाम बदलकर काजिंद कर दिया गया। इस सैन्य अभ्यास में कजाकिस्तान की सेना के दक्षिणी क्षेत्रीय कमान के सैनिक और भारतीय सेना के 11-गोरखा राइफल्स के सैनिक भाग ले रहे हैं। सैन्य अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति प्रवर्तन शासनादेश के तहत सकारात्मक सैन्य संबंध को आगे बढ़ाना है। साथ ही एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करना और काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन पर कार्य करते हुए एक साथ सैन्य गतिविधियों की क्षमता को बढ़ावा देना है। वर्तमान में यह सैन्य अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर ऐसे में जब चीन आंखें दिखाने की कोशिश कर रहा है तो पूर्वोत्तर में इस तरह का सैन्य अभ्यास उन सभी दुश्मनों के लिए एक संदेश है कि हमारी ओर आंख उठाकर देखने की जुर्रत न करे।
भारत-कजाकिस्तान संयुक्त युद्धाभ्यास, अंतिम दिन दिखा दोनों सेनाओं का जोश
