नासा के मिशन से लेकर चंद्रमा के रहस्य का पता लगाने में लगे निजी अंतरिक्ष यानों की वजह से मानव जाति चंद्रमा के और निकट पहुंच रही है। साल 2023 और 24 में मनुष्य को चंद्रमा की सतह पर भेजने का प्रयास जारी है। आर्टेमिस-1 मिशन के दौरान 28 नवंबर को ओरियन अंतरिक्ष यान पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर पहुंच गया, जब यह हमारे ग्रह से 268,563 मील दूर था। नासा के मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रमों के लिए उपलब्धियों के बीच एजेंसी ने पहली बार अपने स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने बूस्टर सेगमेंट का निर्माण पूरा कर लिया है और आर्टेमिस मिशन-3 के लिए कैनेडी को इंजन सेक्शन दिया है, जिसमें 50 से अधिक वर्षों के बाद मानवता की चांद की सतह पर वापसी होगी और पहली महिला चंद्रमा पर कदम रखेगी। एजेंसी ने कई प्रमुख आर्टेमिस मील के पत्थर भी पूरे किए हैं, जो न केवल चांद की सतह पर मानव वापसी सुनिश्चित करेंगे, बल्कि मंगल पर पहले अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की तैयारी में चंद्रमा पर और उसके आसपास दीर्घकालिक अन्वेषण करेंगे। एजेंसी ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास 13 लैंडिंग क्षेत्रों की पहचान की है, जहां चंद्रमा पर अगले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री आर्टेमिस तीन के दौरान उतर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए नए स्पेससूट विकसित करने का काम कोलिन्स एयरोस्पेस को दिया गया है। निजी मून मिशन अब धीरे-धीरे, लेकिन लगातार आकार ले रहे हैं। जापानी अरबपति युसाकू मेजावा ने दिसंबर में चंद्रमा के चारों ओर एक स्पेसएक्स उड़ान पर कलाकारों और रचनात्मक पेशेवरों को ले जाने वाले आठ व्यक्तियों के निजी मिशन की घोषणा की।