नई दिल्ली : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नीतियों और कार्यक्रमों को संयोजित करते हुए महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, जेंडर से संबंधित सरोकारों को मुख्यधारा में लाने, उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने और उन्हें अपने मानवीय अधिकारों का अहसास करने में सक्षम बनाने तथा उन्हें अपनी पूरी क्षमता का विकास करने के लिए संस्थागत और विधायी सहायता सुगम बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इसी तरह, नीतियों और कार्यक्रमों के संयोजन के माध्यम से बाल अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने और शिक्षण, पोषण, संस्थागत और विधायी सहायता तक पहुंच सुगम बनाते हुए हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित बचपन भी सुनिश्चित किया गया है।   महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने  मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के लिए योजना दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम- सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण (2.0), नियम, 2022  को अधिसूचित किए गए। सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आकांक्षी जिलों में बेहतर पोषण और शिक्षा प्रदान करने  के लिए प्रति वर्ष 40,000 आंगनवाड़ी केंद्रों की दर से 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों का मजबूत, उन्नत और नवीकरण किया जाएगा। वित्त वर्ष 2022-23 में आकांक्षी जिलों में सभी 40,000 सक्षम आंगनबाड़ियों की पहचान की गई है। अब तक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 11.22 लाख स्मार्ट फोन प्रदान किए जा चुके हैं। इसके अलावा, बच्चों के विकास की नियमित निगरानी को बढ़ावा देने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा इन्फैंटोमीटर, स्टैडोमीटर, मां और शिशु का वजन मापने का स्केल, बच्चे का वजन मापने का स्केल जैसे 12.65 लाख वृद्धि निगरानी उपकरणों की खरीद की गई है। महिलाओं और बच्चों के पोषण की स्थिति को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य, तंदुरूस्ती और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने वाला एक पारदर्शी और सक्षम वातावरण तैयार किया जा रहा है। पूरक पोषण की रीयल टाइम निगरानी सुनिश्चित करने और सेवाओं के त्वरित पर्यवेक्षण और प्रबंधन हेतु जानकारी प्रदान करने के लिए नवीनतम तकनीक से पोशन ट्रैकर अनुप्रयोग बनाया गया है। अक्तूबर तक लगभग 9.84 करोड़ लाभार्थी इसमें शामिल किए जा चुके हैं। लास्ट माइल ट्रैकिंग और सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों को आधार से जोड़ा जा रहा है। अब तक पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत लगभग 85.63 प्रतिशत लाभार्थियों को सफलतापूर्वक आधार से जोड़ा जा चुका है। पहली बार, पोषण ट्रैकर के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक राज्य के भीतर और बाहर एक आंगनवाड़ी केंद्र से दूसरे में प्रवास की सुविधा प्रदान की गई है। लाभार्थी की एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में प्रवास की सुविधा भी उपलब्ध है। मिशन शक्ति में महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए क्रमशः दो उप-योजनाएं ‘संबल’ और ‘सामर्थ्य’ शामिल हैं। वन स्टॉप सेंटर (ओएससी), महिला हेल्पलाइन (181-डब्यूएंन एचएल) और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) की मौजूदा योजनाओं को ‘संबल’ उप-योजना का हिस्सा बनाया गया है और नारी अदालत नामक एक नया घटक शुरू किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई), उज्ज्वला और स्वाधार गृह (शक्ति सदन), कामकाजी महिला छात्रावास (सखी निवास), जेंडर बजटिंग  और राष्ट्रीय क्रेच योजना की मौजूदा योजनाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय, राज्य, जिला स्तरों पर महिलाओं के सशक्तिकरण केंद्रों के नए घटक को ‘सामर्थ्य’ में समाहित किया गया है।  प्रधानमंत्री मातृ वंदना  योजना में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं (पीडब्ल्यू और एलएम) को गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान 5,000 रुपए की नकद प्रोत्साहन राशि दो किश्तों में उनके बैंक / डाकघर खाते में डीबीटी मोड में सीधे प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। इसके अतिरिक्त, दूसरे बच्चे को कवर करने के लिए इस योजना का विस्तार करके 6000 रुपए की राशि का मातृत्व लाभ प्रदान किया गया है, लेकिन यह लाभ दूसरे बच्चे के बालिका होने पर ही प्रदान किया जाएगा।