शिलांग : मेघालय 2023 विधानसभा चुनाव में अब दो महीने से भी कम समय रह गया है और जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जोर पकड़ता जा रहा है। फोकस मेघालय 2023 विधानसभा चुनाव में इस बार सबसे सबसे अहम मुद्दा बन गया है। राज्य की सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) सरकार की तरफ से शुरू की गई इस योजना ने हर राजनीतिक पार्टी को एक मुद्दा दे दिया है। जहां एक तरफ विपक्षी पार्टी टीएमसी और कांग्रेस योजना को लेकर सरकार पर आरोप लगा रही हैं, वही एमडीए सरकार के खुद अपने घटक दल योजना को लेकर हृक्कक्क पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि फोकस योजना को अपने चुनावी फायदे के लिए इस्तमाल कर रही है और दुरूपयोग कर रही है । उल्लेखनीय है कि इससे पहले एमडीए सरकार में शामिल भाजपा ने फोकस योजना की मंशा पर सवाल उठाए थे। अब एमडीए गठबंधन के एक अन्य घटक यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के पास शिकायत दर्ज कराई है। यूडीपी ने आरोप लगाया है कि फोकस कार्यक्रम के तहत राज्य के विधायक और मंत्रियों का एक वर्ग उन क्षेत्रों में धन वितरित कर रहा है, जहां खेती संभव नहीं है। इसलिए, यूडीपी ने सीईसी कार्यालय से इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री फोकस और फोकस+ 200 करोड़ रुपए का एक किसान कल्याण कार्यक्रम है, जिसे कोरोना महामारी के कारण गंभीर वित्तीय संकट का सामना करने वाले छोटे किसानों को राहत प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।
विस चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए मुद्दा बनी फोकस योजना
