उदयपुर : ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन ग्लोबल कायस्थ काफ्रेंस के  ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि  अगले कुछ समय में कायस्थ नेताओं के 1000 से अधिक लोगो को तैयार करना है, इसके किए हमे आगे आकर कार्यक्रम के रूपरेखा तय करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जीकेसी एक लोकतांत्रिक संघठन है इसमें प्रत्येक व्यक्ति को अभिव्यक्ति की आजादी है। उन्होंने कहा कि कायस्थों का अपना इतिहास रहा है। विभिन्न काल खंडों में महापुरुषों ने अपने द्वारा किए गए कार्यों से समाज को गौरवान्वित किया है। और राष्ट्र को मजबूत करने का कार्य किया, कायस्थ समाज सदैव से राष्ट्रवादी रहा है। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज के महापुरुष जय प्रकाश सहित अन्य महा पुरुषों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देनी होगी। पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी के बाद अगर किसी जाति का सबसे राजनेतिक और आर्थिक पतन हुआ है तो वह कायस्थ है। हमने देश को कभी बांटा नही तो क्या यह हमारी गलती है, आज हमे कायस्थ समाज के लिए आगे आना होगा। कार्यक्रम में प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, ग्लोबल उपाध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव, शुभ्रांशु श्रीवास्तव दीप श्रेष्ठ नवीन कुमार संतोष श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव नमिता आनंद, काजल श्रीवास्तव, नंदा कुमारी, नवीन कविता, पवन सक्सेना विवेक भटनागर, राजेश श्रीवास्तव मितेश कार्ण सुनील श्रीवास्तव हीरालाल कार्ण आदित्य नाग नवीन श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, विपिन श्रीवास्तव, सपना वर्मा, रचना सक्सेना, सोमीका श्रीवास्तव, पवन सक्सेना, बलराम श्रीवास्तव, नंदा कुमारी, शिवानी गौर, राजन सक्सेना, दिवाकर वर्मा, अनिल दास, अशोक दास, कविता वर्मा, आगम श्रीवास्तव, विशाल श्रीवास्तव, जितेंद्र, श्रीवास्तव, राजीव सक्सेना, प्रदीप कुमार. डॉ. एसएन अस्थाना, राकेश अमबष्ट, दीपांशु श्रीवास्तव, ं शामिल रहे। कुबैत, नेपाल, यूएई से आए हुए लोगो को  सम्मानित किया गया।