बंदरदेवा : असम साहित्य सभा की बहुप्रतीक्षित 76वें अधिवेशन के आयोजन हेतु लखीमपुर जिले के बारह वैष्णव के मिलन स्थल नारायणपुर के बरखामती पथार के मणिकंचन मैदान में तैयारियां जोरों पर हैं। महापुरुष माधवदेव की जन्मस्थली नारायणपुर के मणिकंचन क्षेत्र में आगामी 31 जनवरी से चार फरवरी तक असम साहित्य सभा के 76वें अधिवेशन के आयोजन हेतु गुरुवार को पंडाल के मुख्य स्तंभ को स्थापित किया गया। इस अवसर पर 76 लोगों ने असम साहित्य सभा के 76 झंडे फहराए। वहीं कुछ तकनीकी खामियों के कारण असम साहित्य सभा का मुख्य ध्वज उल्टा लग गया और कुछ पल के लिए हलचल मच गई। हालांकि, कुछ समय बाद माहौल सामान्य हो गया। वहीं इस कार्यक्रम की शुरुआत 76 भक्तों के द्वारा नाम प्रसंगों के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं ने चिर सेनेही मूर भाखा जननी गीत की प्रस्तुति दी। असम साहित्य सभा के प्रधान सचिव जादव शर्मा, समारोह समिति के अध्यक्ष डॉ. अमिय कुमार भुइयां, स्वागत समिति के महासचिव माखन तामुली और साहित्य सभा की केंद्रीय समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके बाद बरखामती मैदान के मणिकंचन क्षेत्र के अस्थायी सभा मंच पर एक सभा हुई।
असम साहित्य सभा के अधिवेशन की तैैयारियां जोरों पर, लाईखूटा स्थापित
