शिवसागर : शिवसागर के ऐतिहासिक शिवदौल प्रांगण में चल रही अराजकता के बीच कल शिवसागर  के जिला उपायुक्त कार्यालय में आयोजित शिवसागर दौल उन्नयन परिषद की विशेष कार्यकारिणी सभा में शिवदौल के तीन पुजारी नवज्योति बरठाकुर, मृदुल बरठाकुर और पवित्र बरठाकुर को तत्काल प्रभाव से  अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है। ये तीनों  अब शिवदौल प्रांगण में किसी भी तरह के पुजारी का काम संपादित नहीं कर सकेंगे। शिवसागर दौल उन्नयन  परिषद के सचिव बसंत गोगोई  द्वारा आज जारी एक सूचना में यह जानकारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि ऐतिहासिक शिवदौल प्रांगण में गत दो वर्षों में लॉकडाउन के समय से ही काफी अनियमितता और अराजकता की स्थिति चल रही है, जिसमें लॉकडाउन के बीच ऐतिहासिक शिवदौल परिसर में वृक्षों को काटने, शिवदौल के मुख्य गर्भ गृह में स्थित  शिवलिंग और नंदी को  हटाने और  पुनः स्थापित करने के अलावा वर्षों से मुख्य गर्भ गृह की साफ सफाई करने वाले बिहारी समुदाय के लोगों को हटाकर उनकी जगह अन्य लोगों की नियुक्ति शामिल है।  लॉकडाउन के समय शिवदौल परिषद के भीतर देवी दौल की तरफ से अंदर जाने वाले और बरपुखरी पार से अंदर जाने वाले रास्ते को अभी तक नहीं खोला गया है। इसके अलावा जिन लोगों को सुबह मुख्य गर्भ गृह की सफाई के नियुक्त किया गया, वे लोग शिवदौल खुलने के समय सुबह छह बजे के बाद काफी देरी से पहुंचते हैं और गर्भगृह की सफाई भी समूचित रूप से नहीं करते हंै। अक्सर देखा जाता है कि श्रद्धालु शिवदौल में पहुंच जाते हैं। लेकिन शिवदौल का मुख्य गर्भ गृह खुलता ही नहीं है, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले कई श्रद्धालु बिना भोलेनाथ का दर्शन किए ही लौट जाने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं शिवदौल परिसर में आहोम शासनकाल के समय से पूजा-अर्चना हेतु नियुक्त बरठाकुर परिवार के पुजारी वहां केवल आने वाले श्रद्धालु  से दान-दक्षिणा लेने में ही व्यस्त रहते हैं। कई बार तो दान-दक्षिणा के चक्कर में आपस में भिड़ भी जाते हैं, जिसके कारण पूजा-अर्चना करने आने वाले लोग असंतुष्ट होते हैं।