मरियानीः लघु चाय खेतिहर संस्था की जोरहाट जिला समिति के अंतर्गत पूर्व जोरहाट आंचलिक समिति के सौजन्य से समिति के गोहाईंबारी स्थित कार्यालय में एक सभा आयोजित की गई। पूव जोरहाट आंचलिक समिति के अध्यक्ष संजीव गोगोई की अध्यक्षता में आयोजित सभा के उद्देश्यों पर आंचलिक समिति के सचिव अचिंत्य गोगोई ने प्रकाश डाला। सभा में राज्य सभा के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, मरियानी के विधायक रूपज्योति कुर्मी, मरियानी राजस्व चक्राधिकारी असीम बरगोहाईं, लघु चाय खेतिहर संस्था जोरहाट जिला समिति के अध्यक्ष जीवन सैकिया, सचिव कृष्ण प्रसाद शर्मा, जिला सांगठनिक सचिव भूपेन गोगोई के साथ कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभा में 12 लघु चाय कृृषकों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया गया। असम की चाय का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गुणवत्ता किस तरह बरकरार रखी जाए इस पर विचार किया गया। सभा में करीबन डेड़ सौ लघु चाय खेतिहरों के लिए एक कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षण दिया गया। टोकलाई स्थित चाय अनुसंधान केंद्र से आए वैज्ञानिकों ने करीबन 150 चाय कृृषकों को जैविक चाय प्रस्तुतिकरण पर प्रशिक्षण दिया। टोकलाई चाय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक श्यामल प्रसाद बरुवा, सत्यरंजन शर्मा, ईशान कुमार फुकन ने लघु चाय कृृषकों को जैविक चाय खेती किस तरह किया जा सकता और लघु चाय खेतिहर किस तरह इसके जरिए लाभांवित होंगे इस पर प्रशिक्षण सत्र में अवगत किया। लघु चाय खेतिहर संस्था जोरहाट जिला समिति के अध्यक्ष जीवन सैकिया, सचिव कृष्ण प्रसाद शर्मा, पूव जोरहाट आंचलिक समिति के अध्यक्ष संजीव गोगोई और सचिव अचिंत्य गोगोई हस्ताक्षरित एक ज्ञापन राज्य सभा के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा और मरियानी के विधायक रूपज्योति कुर्मी को सौंप कर समस्या समाधान की मांग की।
मरियानी के नकचारी में लघु चाय खेतिहर संस्था को भूमि आवंटन
