हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की तृतीय तिथि को सौभाग्य सुंदरी व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागन औरतें अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है। इस दिन महिलाएं माता पार्वती पूजा करती है और उनसे सदा सुहागन रहने की कामना करती है। इस व्रत को पूरे विधि विधान से करने से माता पार्वती प्रसन्न होती है।
पूजा की विधि : इस दिन सुबह उठकर स्नान कर, साफ सुथरे वस्त्र धारण करें। सौभाग्य सुंदरी तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। छोटी पूजा की चौकी पर लाल और पीले रंग के वस्त्र बिछा कर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा विराजमान कर दें। पूजा में माता पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ाएं। इस दिन पूरे विधि- विधान से व्रत का पालन कर माता की पूजा करें। पूजा के समय ओम उमाए नमः मंत्र का जाप करें। इस दिन नौ ग्रहों की पूजा करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। माता पार्वती को रोली, कुमकुम, चावल के साथ सुपारी अर्पित करें। इस साल सौभाग्य सुंदरी व्रत 11 नंवबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि किसी कुंवारी कन्या की कुंडली में किसी तरह का कोई वैवाहिक दोष मौजूद है तो इस व्रत का पालन करने से सभी तरह के दोष दूर हो जाते हैं। सौभाग्य सुंदरी तीज को महिलाओं के लिए वरदान के रूप में माना जाता है।