टी-20 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया का प्रदर्शन शर्मनाक रहा। एडिलेड में खेले गए मैच में इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बना लिया। अब फाइनल में इंग्लैंड का मुकाबला पाकिस्तान से होगा। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी। ऐसा लगता है कि भारतीय टीम सेमीफाइनल के दबाव में आ गई। पूर्व क्रिकेट शेन वाटसन और नासिर हुसैन जैसे खिलाड़ियों ने भारत के शर्मनाक तरीके से हार के लिए डरपोक बल्लेबाजी रवैए को जिम्मेदार ठहराया है। इस पूरे मैच में गेंदबाजी वो धार नहीं दिखी जिसकी आज जरूरत थी। भारत के छह गेंदबाजों में से चार का इकॉनामी 11 रन प्रति ओवर से ज्यादा थी। मोहम्मद शमी और अश्विन जैसे अनुभवी गेंदबाजों ने प्रति ओवर औसतन 13 रन से ज्यादा लुटाए। अर्शदीप और अक्षर पटेल की इकॉनामी साढ़े सात प्रति ओवर की रही। गेंदबाजी के क्षेत्र में अक्षर पटेल का प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि युजवेंद्र चहल को पूरे टूर्नामेंट में नहीं खेलाना समझ से परे है। आज के मैच में इंग्लैंड के कलाई स्पिनर कितने प्रभावी थे? आदिल रशीद एवं लियाम लिविंगस्टोन को एडिलेड की पिच से काफी मदद मिली। इस मैच में भारत के पास कोई कलाई का स्पिनर नहीं था, जो अपनी गति को रशीद जैसे नियंत्रित कर सके। रोहित शर्मा की कप्तानी भी इस मैच के दौरान ठीक नहीं रही। अर्शदीप सिंह की गेंद स्विंग कर रही थी, किंतु उसे एक ओवर बाद ही हटाकर अक्षर पटेल को लाया गया। ऐसा लगता था कि जैसे रोहित शर्मा के पास इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्लान-बी भी नहीं था। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों पर आक्रमण शुरू कर दिया, जिसका नतीजा यह हुआ कि इंग्लैंड के दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों ने 16वें ओवर में ही अपनी टीम को जीत दिला दी। विराट कोहली एवं हार्दिक पांड्या ने अपनी शानदारी बल्लेबाजी से भारतीय टीम को 168 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पावरप्ले के छह ओवर में भारत ने एक विकेट खोकर केवल 38 रन बनाए। दस ओवर तक भारत का स्कोर केवल 62 रन था। भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा एवं केएल राहुल का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। सेमीफाइनल में जहां केएल राहुल जहां केवल पांच रन बनाकर आउट हुए वहीं रोहित शर्मा ने 28 गेंद पर 27 रन बनाकर धीमी शुरुआत की। भारत के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्य कुमार यादव भी आज नहीं चले और केवल 14 रन बनाकर ही बनाकर आउट हो गए। भारत को इस मैच में बड़ा स्कोर खड़ा करने की जरूरत थी, क्योंकि इंग्लैंड के पास 10 नंबर तक बल्लेबाजी की क्षमता है। इस मैच में ऋषभ पंत को फिनिशर के रूप में खेलाना समझ से परे है। इससे पहले वाले मैचों में दिनेश कार्तिक को यह जिम्मेवारी दी गई थी। ऐसा लगता है कि टीम इंडिया बिना किसी ठोस प्लान के मैदान में उतरी थी। पावरप्ले में भारत को आक्रामक रुख अपनाना चाहिए था, ताकि ज्यादा से ज्यादा रन बन सके। इसके विपरीत इंग्लैंड की टीम ने छह ओवर में 63 रन बनाए। रोहित शर्मा एवं लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ी बड़े मंच पर उम्मीद के मुताबिक खेल नहीं पाए हैं, जिसका असर टीम की बल्लेबाजी पर पड़ रहा है। भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं थी। रोहित शर्मा, विराट कोहली, आर अश्विन, मोहम्मद शमी एवं भुवनेश्वर कुमार सहित टीम के आधे सदस्य पिछले विश्व कप में भी खेल चुके हैं। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इस शर्मनाक हार के लिए अपने गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने आगे कहा कि हमने गेंद से जैसी शुरुआत की वह संतोषजनक नहीं था। लेकिन बल्लेबाजों ने भी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया। आयरलैंड से मिली हार के बाद इंग्लैंड ने जिस तरह का जज्बा दिखाया है, वह शानदार है। अब चयनकर्ताओं के ऊपर जिम्मेवारी है कि वह खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाएं तथा युवा खिलाड़ियों को मौका दें। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम की रणनीति पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। चयनकर्ताओं एवं टीम इंडिया को आत्ममंथन कर अपनी कमजोरी दूर करने की जरूरत है।
भारत का शर्मनाक प्रदर्शन
