भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भारत और अमरीका की सेनाएं सीमा से मात्र 100 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के औली में युद्धाभ्यास करने जा रही हैं। 15 नवंबर से 2 दिसंबर तक चलने वाले युद्धाभ्यास के द्वारा भारत अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करेगा। इसमें दोनों देशों के करीब 350-350 सैनिक शामिल होंगे। इस युद्धाभ्यास के द्वारा पहाड़ों एवं बेहद ठंडे इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स को परखा जाएगा। उत्तराखंड से सटा चीनी बॉर्डर भारतीय सेना के सेंट्रल सेक्टर का हिस्सा है। भारत और चीन की सीमा लंबे समय से विवादित रहा है। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद इस इलाके में चीनी गतिविधियां बढ़ी हैं। इसको देखते हुए भारत और अमरीका के बीच होने वाला युद्धाभ्यास काफी अहम है। इस साल के खत्म होने तक भारत दो और बड़े युद्धाभ्यास करने जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड देशों के साथ मालाबार नेवल एक्सरसाइज करेगा, जिसमें क्वाड के सभी चार देश भारत, अमरीका, जापान एवं आस्ट्रेलिया हिस्सा लेंगे। यह एक्सरसाइज जापान के योकुसाका में 8 से 18 नवंबर तक चलेगी। इसमें चारों देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां, लड़ाकू विमान एवं हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। भारत की तरफ से मल्टी-रोज, स्टील्फ फ्रिगेट आईएनएस शिवालिका, एंटी सब-मरीन कार्बेट सहित कई जहाज भाग लेंगे। आस्ट्रेलिया के साथ 28 नवंबर से 11 दिसंबर तक आस्ट्रा-हिंद इंफेंट्री काम्बेट एक्सरसाइज होगा, जिससे सेमी-डेजर्ट टेरेन में दोनों देशों के साथ में काम करने की क्षमता बढ़ेगी। चीन में शी जिनपिंग के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भारत के समक्ष चुनौती और बढ़ गई है। जिनपिंग ने वहां की कम्युनिस्ट पार्टी के संविधान में संशोधन कर अपने को आजीवन राष्ट्रपति बना लिया है। कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च परिषद में सेना के कई ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो भारत विरोधी भावनाओं के लिए जाने जाते हैं। जिनपिंग के वर्तमान बयान से ऐसा लगता है कि निकट भविष्य में भारत और चीन के बीच सामान्य संबंध होना मुश्किल है। भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीमा पर तनाव बना हुआ है तब तक दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते। यही कारण है कि द्विपक्षीय संबंधों में लगातार कड़वाहट आती जा रही है। भारत चीन की साजिश को समझते हुए सीमा पर लगातार अपनी तैयारी की समीक्षा कर स्थिति मजबूत कर रहा है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत की सेना पूरी मुश्तैदी के साथ चीन के किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। चीन भारत को चारों तरफ से घेरने की लगातार कोशिश कर रहा है। यही कारण है कि भारत भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के पड़ोसी देशों के साथ अपने सामरिक संबंधों को मजबूत कर रहा है। आस्ट्रेलिया, जापान, फिलीपींस, वियतनाम, दक्षिण कोरिया एवं इंडोनेशिया के साथ रक्षा संबंधों को सुदृढ़ कर रहा है। इस वर्ष होने वाला तीनों बड़ा युद्धाभ्यास इस रणनीति का एक हिस्सा है। चीन एशिया में सुपर पावर बनना चाहता है, जिसमें भारत सबसे बड़ी बाधा है। यही कारण है कि चीन भारत पर दबाव बढ़ाने के लिए चारों तरफ से घेरने का प्रयास करता रहा है। भारत भी चीन की इस चाल का उसी की भाषा में माकूल जवाब दे रहा है।
भारत-अमरीका युद्धाभ्यास
