डिब्रूगढ़/चबुवाः देश की पूर्वी सीमा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली दिनजान स्थित सेकेंड मॉन्टेन डिविजन अर्थात दाओ डिवीजन सैन्य छावनी के लिए ब्रह्मपुत्र नद की जलधाराओं से उत्पन्न खतरे का जायजा लेने के लिए मंगलवार को जहाज रानी व आयुष मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री व असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने नदी मार्ग से निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने दाओ डिवीजन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात कर भू-कटाव से उत्पन्न खतरे के संदर्भ में बातचीत कर जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने बताया कि ब्रह्मपुत्र नद की जलधाराएं भीषण रूप से भू-कटाव कर रही है। जिस कारण गुइजान से माइजान अंचल तक भू-कटाव हो रहा है। जिससे दाओ डिवीजन सैन्य छावनी के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। इस खतरे को देखते हुए सैन्य मंत्रालय ने भू-कटाव की रोकथाम के लिए सौ करोड़ से अधिक की राशि जल संसाधन विभाग, असम को मुहैया करवायेगी। जिससे भूकटाव की समस्या को रोकने में बहुत ही सहायता मिलेगी। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भू-कटाव पीड़ित जनता से भी मुलाकात कर उनकी समस्या की जानकारी ली। जल संसाधन विभागीय अधिकारियों के साथ लाहोवाल के विधायक पूनाकन बरुवा, जिला उपायुक्त विश्वजित पेगू व पूर्व विधायक ऋतुपर्ण बरुवा के साथ ही कई अन्य अधिकारियों के साथ भू-कटाव की समस्या की रोकथाम के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने अपने पैतृक गांव बिंधकाटा में हो रहे भू-कटाव की समस्या से भी रू-ब-रू होते हुए आम जनता के साथ बातचीत की। महिलाओं ने केंद्रीय मंत्री सोनोवाल से भू-कटाव प्रतिरोध कर गांववासियों की जमीन की रक्षा करने का आह्वान किया। मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में चबुवा के रायडांग अंचल में हो रहे भीषण भू-कटाव ने आधे किलोमीटर से अधिक के क्षेत्र को तबाह कर दिया है। परिणामस्वरूप, पुखुरीजान के पास रहने वाले 40 परिवार बेघर हो गए हैं।