मुंबई: बुधवार (26 अक्तूबर) को दिवाली बलिप्रतिपदा के मौके पर शेयर बाजार बंद रहेंगे। हिंदू संवत वर्ष 2079 की शुरुआत के मौके पर विशेष एक घंटे के मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी तेजी के साथ बंद हुए। निवेशकों द्वारा ताजा सौदों की खरीद के कारण ज्यादातर शेयर में बढ़त रही। इसके साथ ही शेयर बाजारों में लगातार सातवें सत्र में तेजी हुई। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 524.51 अकों की तेजी के साथ 59,831.66 पर बंद हुआ। इसी तरह, व्यापक शेयर आधार वाला एनएसई निफ्टी सूचकांक 154.45 अंक या 0.88 प्रतिशत की तेजी दर्शाता 17730.75 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), एसबीआई, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक और डॉ रेड्डीज बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। इन शेयरों में 2.92 प्रतिशत तक का उछाल आया।  एफएमसीजी को छोडक़र, बीएसई के सभी खंडों के सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए। व्यापक बाजारों में भी इसी तरह का रुझान देखा गया। इसमें बीएसई का स्मॉल-कैप सूचकांक 0.99 प्रतिशत और मिड-कैप सूचकांक 0.50 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स में सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर और कोटक महिंद्रा बैंक ही घाटे के साथ बंद हुए।  बाजार सूत्रों ने कहा कि संवत 2079 के पहले सत्र में निवेशकों ने अपने नए बहीखाते खोले और खरीदारी की गतिविधियों में तेजी आई। शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में मजबूत बढ़त के बाद वैश्विक शेयरों में काफी हद तक तेजी रही। घरेलू बाजार, पारंपरिक हिंदू कैलेंडर वर्ष की शुरुआत के अवसर पर हर साल दिवाली के मौके पर एक घंटे का मुहूर्त कारोबार आयोजित करते हैं, जिसे विक्रम संवत कहा जाता है। पिछले संवत वर्ष 2078 में सेंसेक्स 464.77 अंक, जबकि निफ्टी 252.90 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजय कुमार ने कहा कि यूरोप में युद्ध के पिछले एक साल के दौरान भारत का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा और विकसित दुनिया में बढ़ती मुद्रास्फीति तथा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच यह प्रदर्शन भारत की जिजीविषा को दर्शाता है।