शरीर को बाहरी और आंतरिक दोनों रूप से निरंतर सफाई की आवश्यकता होती है। बाहरी साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान तो हम सभी रख ही लेते हैं पर आंतरिक सफाई को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विशेषकर त्योहारों या किसी उत्सव, जिसमें अक्सर हम सभी खान-पान को लेकर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं, उस समय पर यह और भी आवश्यक हो जाता है। दीपावली के बाद सभी लोगों को बॉडी डिटॉक्स करना जरूर सुनिश्चित करना चाहिए। आइए जानते हैं कि बॉडी डिटॉक्स क्यों जरूरी है और दीपावली के अगले दिन किन उपायों के माध्यम से शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर करने में मदद मिल सकती है? त्योहारों में खान-पान से संबंधित गड़बड़ी के कारण शरीर में विषाक्त पदार्थ एकत्रित होने लग जाते हैं, इसके कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ आसान से उपायों के बारे में जानते हैं।
खूब सारा पानी पिएं : पानी आपकी प्यास बुझाने के अलावा शरीर के तापमान को नियंत्रित करने, पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने और शरीर से अपशिष्ट उत्पादों को हटाकर अंगों को स्वस्थ रखने में आपके लिए लाभकारी माना जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से 3-4 लीटर पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। त्योहारों में खान-पान की गड़बड़ी के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए खूब सारा पानी पीना सहायक हो सकता है।
प्रोबाइटिक्स का करें अधिक सेवन : शरीर से विषाक्तता को कम करने के लिए प्रोबाइटिक्स का सेवन करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। प्रोबाइटिक्स एक प्रकार का फाइबर है जो आंतों के गुड बैक्टीरिया को स्वस्थ रखने और भोजन के पाचन को बढ़ाने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं। दही, छाछ आदि का सेवन करना आपको कई प्रकार के शारीरिक लाभ दे सकता है। आहार में फाइबर वाली चीजों की मात्रा को बढ़ाकर भी आप शरीर को डिटॉक्स कर सकते हैं।
वेजिटेबल जूस : शरीर की विषहरण प्रक्रिया के लिए दीपावली के अगले दिन वेजिटेबल जूस का सेवन करना भी आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। पालक, खीरा, नींबू, अदरक, चुकंदर, गाजर आदि के जूस का सेवन करना शरीर को डिटॉक्स करने के अलावा आवश्यक पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति करने में भी सहायक है। सब्जियों के जूस के सेवन को कई प्रकार से शरीर के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है।