गुवाहाटीः जगदंबी प्रसाद यादव स्मृति प्रतिष्ठान की ओर से हर साल एक अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन अैर हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहा है। इसी कड़ी में 18-19 अक्तूबर को नगर के कॉटन विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में प्रतिष्ठान, विश्वविद्यालय व अंतराष्ट्रीय हिंदी परिषद (भारत) के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन और हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसका आज सफल समापन हुआ। दूसरे दिन बुधवार को राज्य सरकार के मतस्य एवं उत्पाद मंत्री परिंमल शुक्ल वैद्य ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राजभाषा दर्पण नामक पुस्तक का लार्कापण किया गया। मौके पर मंत्री वैद्य ने अपने भाषण में कहा कि हिंदी पूर्वोत्तर और अन्य भाषा का विरोधी नहीं है, राष्ट्रभाषा हिंदी की लड़ाई किसी भाषा से नही है, हमें एक साथ मिलकर इस भाषा का अधिकाधिक रूप में प्रयोग के साथ व्यवहार करना होगा, ताकि हम अपने भारत वर्ष को राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ ही हर क्षेत्र में और अधिक ताकतवर बना सकें। प्रतिष्ठान के संरक्षक तथा हिंदी सलाहकार समिति स्वास्थ्य मंत्रालय, अंतराष्ट्रीय हिंदी परिषद ( भारत) के सदस्य वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी ज्ञान, विज्ञान,शासन, प्रशासन, न्याय व न्यायालय की भाषा बनाना है। इस मौके पर डॉ. अमूल्य बर्मन, डॉ. राधेश्याम तिवारी, डॉ.देवेंद्र चंद्र दास ( सुदामा), पूर्वांचल प्रहरी के कार्यकारी संपादक वशिष्ठ नारायण पांडेय, प्रतिष्ठान की सचिव डा. अंशुमाला, विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर रमेश चंद्र डेका व डीन प्रोफेसर फूकन बसुमतारी के साथ अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखे।
अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन और हिंदी कार्यशाला संपन्न