गुवाहाटीः असमिया सिनेमा के अच्छे दिन आनेवाले है, क्योंकि अब बॉलीवुड में काम करनेवाले प्रवासी असमिया लोगों का रूझान इस फिल्म उद्योग की तरफ बढ़ने लगा है। हाल ही में रिलीज असमिया फिल्म मोर एखन गान में मुबई में ऐड, सिनेमा पटपथा लेखक, निर्देशक म्यूजिक, साउंड के क्षेत्र में काम करनेवाले असमिया लोगों ने इस क्षेत्र में अग्रसर होने की अनोखी पहल की है। इस फिल्म का सब टाईटल अंग्रेजी में उपलब्ध है, जिसका नाम द लास्ट सांग है। इस सिनेमा के कहानीकार व निर्देशक प्रबाल बरूवा दूरदर्शन पर प्रसारित सुरभि के लिए टीम निर्देशक के साथ सोनी टीवी पर प्रसारित सीआईडी,अदालत, हत्यारी डायन, गुटर गूं ,गली-गली सिम -सिम, लगे रहो चाचू तथा 2022 की तेरा छलावा जैसे अन्य कई टीवी कार्यक्रमों के निर्देशन कर चुके हैं। पहली हिंदी फिल्म स्ट्रोवेरी बनाई। इसके बाद पहली बार असमिया फिल्म मोर एखन गान के लिए स्क्रीप्ट लेखन के साथ निर्देशन किया। श्री प्रबाल ने पूर्वांचल प्रहरी को बताया कि हर किसी को अपनी मांतृ भाषा से प्रेम होना चाहिए, साथ ही अपनी मातृ भाषा को बढ़ावा देने के लिए साहित्य,संस्कृृत तथा सिनेमा के क्षेत्र में योगदान देना चाहिए। इसका जीता जागता उदाहरण है इस फिल्म के निर्माण में जुड़ीं बॉलीवुड की कई हस्तियां। इसी कड़ी में 25 वर्षों से असम से बाहर रहकर बॉलीवुड में काम करनेवाले तीन प्रवासी असमिया प्रबाल बरूवा, म्यूजीशियन अजय सिंहा व राइटर व प्रोड्यूसर विजय दुवरा असमिया सिनेमा निर्माण के क्षेत्र में सबसे अग्रसर रहे। इसके साथ ही अन्य मित्रों ने बिना किसी शर्त के अपना भरपूर सहयोग दिया है। कोरोना काल में थोड़ा समय मिला उसी समय इस फिल्म के ऊपर लिखना शुरू किया, जो एक कहानी का रुप ले लिया, इसके बाद अपने मित्र अजय सिंहा को सुनाया। विजय दुवरा भी इस फिल्म के निर्माण के लिए तैयार हो गए। इस फिल्म में ख्याति प्राप्त बैकग्राउंड म्यूजिक अंजय सिंहा तथा लाल सिंह चड्ढा जैसी फिल्मों में साउंड दे चुके देवजीत संगमाई तथा अमृत प्रीतम के साथ कई ख्याति प्राप्त लोगों ने अपना सहयोग दिया है।
कोरोना काल में लिखी कहानी, मित्रों के सहयोग से बनी फिल्म : निर्देशक प्रबाल बरूवा