डिब्रूगढ़ः शहर के माईजान चाय बागान के समीप से प्रवाहित ब्रह्मपुत्र नद की उफनती जलधारा ने सुरक्षा बांध को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे आम जनता में हाहाकार की स्थित उत्पन्न हो गई। डिब्रूगढ़ के माईजान चाय बागान व ग्रीनवुड चाय बागान के लोग आज अपना काम छोड़कर सुरक्षा बांध को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गए। एक तरफ जहां पुरुष क्षतिग्रस्त बांध को मजबूती प्रदान करने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं ताकि ब्रह्मपुत्र नद की जलधाराएं अपनी सीमा को लांघ कर उनके संसार को तबाह न कर दे। वहीं भयभीत महिलाएं पूजा अर्चना कर ब्रह्मपुत्र नद को अपना रौद्र रूप त्याग कर आम जनता के प्राणों की रक्षा करने के लिए प्रार्थना करती नजर आ रही हैं। यदि बांध टूट गया तो माईजान चाय बागान व ग्रीन वुड चाय बागान को तबाह करते हुई ब्रह्मपुत्र की जलधाराएं असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट व दिनजान सैन्य छावनी के साथ ही डिब्रूगढ़ शहर को जलमग्न कर देगी। स्थानीय लोगों ने सरकार पर भू-कटाव की समस्या पर राज्य सरकार व केंद्र सरकार की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया। स्थानीय निवासी निरंजन मेच ने बताया कि लंबे समय से सरकार व जिला प्रशासन के समक्ष भू-कटाव की समस्या को लेकर आवेदन निवेदन करते आ रहे हैं। लेकिन आज तक जिला प्रशासन, राज्य सरकार व केंद्र सरकार किसी ने भी उस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। जिस कारण माईजान से मठला तक भू-कटाव जारी है। सुरक्षा बांध आधा टूट गया है। यदि सुरक्षा बांध पूरा टूट जाता है तो असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ शहर के साथ वृहद अंचल नदी में समा जाएगा और मार्ग भी बदल सकता है। असम चाय जनगोष्ठी महासभा के डिब्रूगढ़ जिला समिति के अध्यक्ष मंतुस कुर्मी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि माईजान से मठला तक भीषण भू-कटाव हो रहा है। केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की सहायता से भू-कटाव को रोकने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। चुनाव के समय सिर्फ भू-कटाव को मुद्दा बनाया जाता है। आज आम जनता दुःखी है। माईजान चाय बागान व ग्रीन वुड चाय बागान बंद कर चाय जनगोष्ठी के लोग बचाव कार्य में लगे हैं। लाहोवाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद हजारिका पर भी आम जनता ने भू-कटाव की समस्या पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। स्थानीय निवासी मानव मुंडा ने बताया कि परिस्थिति भयावह है। सन् 2008 से लेकर कांग्रेस हो या भाजपा, जो भी सरकार हो चुनाव के पहले आकर बाढ़ व भू-कटाव को मुद्दा बनाकर लोगों को लॉलीपॉप थामते हैं। लेकिन आज डिब्रुगढ़वासी भयभीत है। यदि यह सुरक्षा बांध टूट गया तो माईजान चाय बागान के साथ ही डिब्रूगढ़ शहर का नामोनिशान मात्र दस मिनट में समाप्त हो जाएगा। भाजपा सरकार के विधायक विनोद हजारिक गत अगस्त महीने से आज तक लगभग 40 दिन हो गया, लेकिन उन्हें एक घंटा भी नहीं मिला कि वे उत्पन्न भयावह परिस्थिति का निरीक्षण भी कर सके। जनता की तरफ से यह आह्वान किया गया है कि यदि सरकार कोई व्यवस्था नहीं करती है तो बृहस्पतिवार से जनांदोलन होगा। लाहोवाल विधानसभा क्षेत्र के 15 हजार मतदाता एयरपोर्ट का पथावरोध करने को बाध्य होंगे। मालूम हो कि बाढ़ व भू-कटाव की समस्या को लेकर वर्षों से आम जनता आंदोलन कर सरकार व जिला प्रशासन का ध्यान भू-कटाव की समस्या की तरफ आकर्षित करती रही है। इसके बावजूद भी आज तक इस समस्या का कोई भी स्थायी समाधान नहीं हुआ है।