यूक्रेन की सेना द्वारा पिछले 8 अक्तूबर को रूस एवं क्रीमिया को जोडऩे वाले पुल पर भीषण हमला कर उसे क्षतिग्रस्त करने के बाद रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस पुल को रूस का लाइफ लाइन भी कहा जाता है। क्रीमिया को रूस से जोडऩे के लिए यही एक मात्र रास्ता है। रूस ने यूक्रेन की इस कार्रवाई को आतंकी हमला करार देते हुए करारा जवाब देने की बात कही थी। इस घटना के बाद रूसी राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाकर जवाबी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया। इससे पहले यूक्रेन की सेना ने रूस द्वारा जीते गए पूर्वी यूक्रेन के कुछ हिस्से को फिर से मुक्त कराने का दावा भी किया गया था। अपनी जनता में गिरती लोकप्रियता के ग्राफ को देखते हुए पुतिन ने सोमवार यूक्रेन पर जोरदार जवाबी हमला किया। दो घंटे के अंदर रूस ने 75 से ज्यादा मिसाल दाग कर यूक्रेन की सडक़ों, रेलमार्गों एवं बिजली संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचाया। मिसाइल हमले में यूक्रेन धुआं-धुआं हो गया। हमला इतना भीषण था कि यूक्रेन राष्ट्रपति जेलेंस्की को बंकर में जाना पड़ा। पिछले सात महीने से रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है, जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमरीका सहित पश्चिमी शक्तियां यूक्रेन को हथियार एवं गोला-बारूद देकर युद्ध को और भडक़ाने का काम कर रही हैं। अमरीका के नेतृत्व वाले संगठन नाटो तथा रूस के बीच चल रही तनातनी का परिणाम यूक्रेन भोग रहा है। इस युद्ध के कारण जहां एक तरफ यूक्रेन तहस-नहस हो रहा है, वहीं दुनिया में आर्थिक मंदी का दौर शुरू हो गया है। भारत ने इस गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि दोनों ही पक्षों को शत्रुता त्याग कर तत्काल कूटनीति एवं संवाद के जरिए समस्या का समाधान करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ बातचीत कर कूटनीति एवं संवाद के जरिए समस्या के समाधान का सुझाव दिया था। लेकिन अमरीका नहीं चाहता कि इस युद्ध पर विराम लगे, क्योंकि वह हथियारों की बिक्री के लिए सुनहरा मौका देख रहा है। इस युद्ध के कारण तेल एवं प्राकृतिक गैसों की कमी के कारण यूरोप के देशों में हाहाकार मचा हुआ है तथा महंगाई लगातार बढ़ रही है। लेकिन यूरोपीय देश अमरीका को खुश करने के लिए यूक्रेन का समर्थन दे रहे हैं। रूस का कहना है कि यूक्रेन के नाटो में शामिल होने से हमारी सीमा के पास नाटो के हथियार आ जाएंगे जिससे हमारी सुरक्षा को खतरा पैदा हो जाएगा। अमरीका के बहकावे पर यूक्रेन ने रूस से पंगा ले लिया, जिसका परिणाम सबके सामने है। सोमवार को रूस द्वारा भीषण हमला करने के बाद यूक्रेन के आसपास के देशों पोलैंड आदि में युद्ध की तैयारी शुरू हो गई है। नाटो  की धमकी के बाद अब परमाणु युद्ध का खतरा पैदा हो गया है। पुतिन ने चेतावनी दी है कि अगर रूस की अस्मिता पर खतरा पैदा हुआ तो हम परमाणु हमले से पीछे नहीं हटेंगे। इसका मतलब साफ है कि दुनिया तीसरे महायुद्ध की अग्रसर है। रूस ने जनमत संग्रह कराकर यूक्रेन के चार बड़े इलाके को रूस में विलय कराने की घोषणा कर दी है। अब देखना है कि पुतिन के हमले के बाद यूक्रेन और नाटो किस तरह से जवाब देता है। किसी भी समाधान युद्ध से नहीं हो सकता। दोनों पक्षों को बैठकर बातचीत के जरिए समस्या का हल निकालना चाहिए।