होजाई: शहर के विभिन्न अंचलों के साथ साथ होजाई श्रीश्री विश्वनाथ मंदिर (शिव मंदिर) प्रांगण में जिउतिया पर्व अर्थात जिवीतपुत्रिका व्रत महिलाओं तथा माताओं ने अपने पुत्र की मंगल कामना के लिए निर्जला रहकर व्रत के साथ बड़ी ही धूमधाम से मनाया। मालूम हो कि उक्त व्रत माताएं अपने पुत्र की सलामती और लंबी आयु की कामना के साथ निर्जला रहकर पालन करती हैं। इसके पीछे मान्यता है कि महाभारत काल में जब अश्वत्थामा ने उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु का ब्रह्मास्त्र चलाकर वध कर दिया था तब उत्तरा सहित द्रौपदी, सुभद्रा ने रोते-रोते अन्न जल त्याग कर भगवान श्रीकृष्ण से गर्भ में पल रहे शिशु को जीवित करने का अनुरोध किया तब जाकर भगवान ने उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु के जीवन की रक्षा की, तभी से मान्यता है कि आश्विन माह में कृष्ण-पक्ष के सातवें से नौवें चंद्र दिवस तक तीन दिनों तक माताएं बड़े हर्ष के साथ जिवीतपुत्रिका व्रत का पालन करती आ रही हैं।